पश्चिम बंगाल में शुभेन्दु सरकार ने अपने मंत्रीमंडल का विस्तार किया है। जिसमें 35 नये मंत्रियों को शामिल किया गया। पश्चिम बंगाल सरकार में विधायकों ने आज पद और गोपनीयता की शपथ ली। राज्यपाल आर.एन. रवि ने सभी मंत्रियों को शपथ दिलाई। यह विस्तार ऐसे समय में हुआ है जब राज्य में भाजपा ने हाल ही में हुये विधानसभा चुनावों में ऐतिहासिक जीत प्राप्त कर तृणमूल कांग्रेस के लंबे शासन का अंत किया था। शुभेन्दु अधिकारी ने 9 मई को मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी और शुरुआती चरण में केवल कुछ मंत्रियों को ही शामिल किया गया था। अब 35 नये चेहरों को मंत्रिमंडल में जगह देकर सरकार ने प्रशासनिक ढांचे को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। नये मंत्रिमंडल में भाजपा के कई वरिष्ठ और प्रभावशाली नेताओं को शामिल किया गया है। इनमें शंकर घोष, स्वपन दासगुप्ता, तपस राय, दीपक बर्मन, अर्जुन सिंह, गौरी शंकर घोष और मनोज कुमार उरांव जैसे नाम प्रमुख हैं। सरकार ने क्षेत्रीय और सामाजिक संतुलन को ध्यान में रखते हुए विभिन्न इलाकों तथा समुदायों के प्रतिनिधियों को मंत्रिमंडल में स्थान दिया है। मुख्यमंत्री शुभेन्दु अधिकारी ने मंत्रिमंडल विस्तार को जनता के जनादेश का सम्मान बताते हुए कहा कि अब राज्य में एक पूर्ण और प्रभावी सरकार काम करेगी। उन्होंने कहा कि नये मंत्रियों को जल्द ही विभागों का आवंटन किया जाएगा और सरकार विकास, निवेश, रोजगार, कानून-व्यवस्था तथा प्रशासनिक सुधारों पर विशेष ध्यान देगी। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह मंत्रिमंडल विस्तार भाजपा की उस रणनीति का हिस्सा है जिसके अंर्तगत उत्तर बंगाल, जंगलमहल, दक्षिण बंगाल और कोलकाता क्षेत्र को समान प्रतिनिधित्व देने की कोशिश की गई है।
इसके साथ ही महिलाओं, अनुसूचित जनजाति, पिछड़े वर्ग और विभिन्न सामाजिक समूहों को भी सरकार में भागीदारी दी गई है।इस विस्तार के बाद पश्चिम बंगाल सरकार में मंत्रियों की संख्या बढ़कर 41 हो गई है, जिसमें मुख्यमंत्री भी शामिल हैं। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में विभागों के बंटवारे के बाद नई सरकार अपनी नीतियों और योजनाओं को तेज़ी से लागू करने की दिशा में आगे बढ़ेगी।


