नोएडा में वेतन बढ़ाने की मांग को लेकर सोमवार को फैक्ट्री श्रमिकों द्वारा किए गए प्रदर्शन ने राजनीतिक रंग ले लिया है। इस मामले पर उत्तर प्रदेश सरकार के श्रम मंत्री अनिल राजभर ने प्रतिक्रिया देते हुए इसे एक सुनियोजित साजिश करार दिया है।गाजीपुर में मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि यह घटना सामान्य श्रमिक आंदोलन नहीं लगती, बल्कि इसके पीछे कुछ और वजह हो सकती है।
उनका कहना था कि मुजफ्फरनगर में प्रस्तावित एक बड़ी राजनीतिक रैली को प्रभावित करने के उद्देश्य से यह घटनाक्रम रचा गया हो सकता है। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि इसकी जांच के बाद ही पूरी स्थिति स्पष्ट हो पाएगी।श्रम मंत्री ने आगे कहा कि हाल ही में मेरठ और नोएडा से कुछ संदिग्ध लोगों की गिरफ्तारी हुई है, जिनके संबंध विदेश में बैठे हैंडलरों से बताए जा रहे हैं।
इस आधार पर एजेंसियां इस मामले की गंभीरता से जांच कर रही हैं और जल्द ही रिपोर्ट सामने आ सकती है।उन्होंने श्रमिकों से अपील करते हुए कहा कि वे किसी भी भ्रामक या उकसावे वाली गतिविधि से दूर रहें। यदि उनकी कोई समस्या है, तो उसे प्रशासन के समक्ष रखें, जहां अधिकारी उनकी बात सुनने के लिए मौजूद हैं। उन्होंने यह भी बताया कि राज्य सरकार ने वरिष्ठ अधिकारियों की एक टीम नोएडा भेजी है, जो स्थिति पर नजर बनाए हुए है।
मंत्री ने कहा कि सरकार श्रमिकों की समस्याओं को गंभीरता से लेने के लिए प्रतिबद्ध है और उनके योगदान का सम्मान करती है। साथ ही उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि किसी भी प्रकार की हिंसा या अव्यवस्था से समाधान नहीं निकलेगा, बल्कि बातचीत के माध्यम से ही रास्ता निकाला जा सकता है।

