बिहार की राजनीति में एक बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। राज्य के मुख्यमंत्री Nitish Kumar अब राष्ट्रीय राजनीति की ओर कदम बढ़ाते हुए राज्यसभा के सदस्य बनने जा रहे हैं। वे 10 अप्रैल को शपथ लेंगे।
दिल्ली पहुंचने पर उन्होंने साफ कहा कि उनका उद्देश्य राज्यसभा की सदस्यता ग्रहण करना है। उनके इस फैसले के बाद बिहार में नेतृत्व परिवर्तन लगभग तय माना जा रहा है।राज्यसभा में जाने के साथ ही नीतीश कुमार को मुख्यमंत्री पद छोड़ना होगा। ऐसे में बिहार में नई सरकार के गठन की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी।
संभावना है कि National Democratic Alliance (एनडीए) 14 अप्रैल के आसपास अपने नए मुख्यमंत्री का चयन कर सकती है।इस बीच, राज्य सरकार के वरिष्ठ नेता Vijay Kumar Chaudhary ने संकेत दिए हैं कि आने वाली सरकार भी अब तक के विकास मॉडल को ही आगे बढ़ाएगी। उन्होंने कहा कि पिछले दो दशकों में जो प्रशासनिक ढांचा और नीतियां बनी हैं, उन्हें जारी रखा जाएगा।
नीतीश कुमार पहले ही बिहार विधान परिषद की सदस्यता से इस्तीफा दे चुके हैं। वे मार्च में राज्यसभा के लिए निर्वाचित हुए थे, जिसके बाद उन्होंने अपनी पुरानी जिम्मेदारियों से अलग होने की प्रक्रिया पूरी कर ली।अब सबकी नजर इस बात पर है कि बिहार का अगला मुख्यमंत्री कौन होगा और नई सरकार किस दिशा में आगे बढ़ेगी।

