प्रशांत किशोर ने बिहार में अपनी राजनीतिक सक्रियता बढ़ाते हुए ‘बिहार नवनिर्माण अभियान’ की शुरुआत की है। मुजफ्फरपुर में कार्यकर्ताओं के साथ बैठक के दौरान उन्होंने कहा कि चुनाव परिणाम चाहे जो रहे हों, उनकी पार्टी जन सुराज जनता के मुद्दों को लेकर मैदान में सक्रिय रहेगी।
क्या बोले PK?
चुनावी नतीजों और मतदान के रुझानों पर टिप्पणी करते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि मतदाताओं को पैसों और भावनात्मक मुद्दों के जरिए प्रभावित किया गया। उनका कहना था कि विकास और जनहित के सवालों के बजाय बाहरी खतरों का हवाला देकर समर्थन जुटाया गया, जिससे आम लोगों के वास्तविक मुद्दे पीछे छूट गए।उन्होंने विपक्षी दल राष्ट्रीय जनता दल और उसके नेता तेजस्वी यादव पर भी निशाना साधा। भ्रष्टाचार के मुद्दे पर तेजस्वी यादव के बयानों पर सवाल उठाते हुए प्रशांत किशोर ने कहा कि जिन पर पहले से आरोप लगते रहे हैं, उन्हें इस विषय पर बोलते समय आत्ममंथन करना चाहिए। उनके अनुसार, नैतिकता और पारदर्शिता की राजनीति के लिए विश्वसनीयता जरूरी है।आगे की रणनीति पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि जनता ने राजनीतिक दलों की भूमिकाएं तय कर दी हैं—सत्ता पक्ष अपनी जगह है, विपक्ष अपनी भूमिका निभा रहा है, जबकि जन सुराज लोगों के बीच संगठन को मजबूत करने पर ध्यान देगा। उन्होंने यह भी बताया कि संगठन की भंग की गई समितियों का पुनर्गठन किया जाएगा।साथ ही उन्होंने दावा किया कि यदि उनकी पहल को जनसमर्थन मिला होता तो सामाजिक योजनाओं, खासकर पेंशन राशि, में और अधिक बढ़ोतरी संभव थी। हालांकि उन्होंने स्वीकार किया कि अब चुनी हुई सरकार ही अपना कार्यकाल पूरा करेगी और उनकी प्राथमिकता जनता के बीच जागरूकता बढ़ाने की रहेगी।

