Friday, April 17, 2026
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क्या बंगाल में कॉंग्रेस और TMC एक साथ लड़ेंगे चुनाव?

ये सवाल उठना लाजमी है क्या कॉंग्रेस और TMC बंगाल में एक साथ चुनाव लड़ेंगे या नहीं! पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक बार फिर यह सवाल चर्चा में है कि क्या आगामी विधानसभा चुनावों में कांग्रेस और तृणमूल कांग्रेस (TMC) साथ मिलकर मैदान में उतरेंगे या नहीं। इस मुद्दे पर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने अपनी स्थिति लगभग स्पष्ट कर दी है।

क्या बोली ममता?

मंगलवार, 3 फरवरी 2026 को ममता बनर्जी ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर चुनाव आयोग पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि इस प्रक्रिया से प्रभावित लोगों को अपनी बात रखने का अवसर तक नहीं दिया जा रहा है, जबकि चुनाव नजदीक हैं।जब उनसे पूछा गया कि क्या बंगाल में कांग्रेस और TMC के बीच किसी तरह के चुनावी गठबंधन की संभावना है, तो ममता बनर्जी ने कहा कि राज्य का इतिहास रहा है कि उनकी पार्टी ने हमेशा अकेले ही चुनाव लड़े हैं। उन्होंने इशारों-इशारों में यह भी जता दिया कि TMC आगे भी अपने दम पर चुनावी मुकाबला कर सकती है।मुख्यमंत्री ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ महाभियोग की संभावना का जिक्र करते हुए कहा कि भले ही विपक्ष के पास पर्याप्त संख्या बल न हो, लेकिन यदि ऐसा कोई प्रस्ताव आता है तो TMC उसका समर्थन करेगी, ताकि यह दर्ज हो सके कि किसी CEC के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव लाया गया।ममता बनर्जी ने दावा किया कि उनकी पार्टी ने चुनाव आयोग को छह पत्र भेजे, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। उन्होंने यह भी कहा कि 2002 के बाद कभी SIR नहीं हुआ, फिर चुनाव से ठीक पहले इसका फैसला क्यों लिया गया—यह सवालों के घेरे में है।उन्होंने आरोप लगाया कि बिना पर्याप्त तैयारी के SIR लागू किया गया और जिन राज्यों में NDA की सरकार नहीं है, वहीं इस प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जा रहा है। ममता ने असम का उदाहरण देते हुए पूछा कि वहां यह प्रक्रिया क्यों नहीं हो रही।TMC प्रमुख का कहना था कि लाखों मतदाताओं के नाम बिना जांच के हटा दिए गए हैं, जिनमें कई ऐसे लोग भी शामिल हैं जो जीवित हैं, लेकिन उन्हें मृत बताकर सूची से बाहर कर दिया गया। उन्होंने माइक्रो ऑब्जर्वरों की नियुक्ति और वोट कटने के आंकड़ों पर भी सवाल उठाए। अपने बयान के अंत में ममता बनर्जी ने कहा कि बंगाल में सभी समुदायों और धर्मों के त्योहार समान रूप से मनाए जाते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि बंगाली भाषा बोलने वालों को गलत तरीके से बांग्लादेशी कहा जाता है, जो पूरी तरह अनुचित है।

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