समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने शंकराचार्य से जुड़े विवाद को लेकर राज्य सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि सरकार राजनीतिक द्वेष की भावना से काम कर रही है और विपक्षी नेताओं की सुरक्षा में कटौती कर सुरक्षा व्यवस्था के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है।
क्या बोले अखिलेश?
अखिलेश यादव ने दावा किया कि उन्हें प्रदान की गई एनएसजी सुरक्षा बिना स्पष्ट कारण बताए हटा ली गई। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर किस रिपोर्ट के आधार पर यह निर्णय लिया गया। उन्होंने कांग्रेस नेता राहुल गांधी की एसपीजी सुरक्षा हटाए जाने का भी उल्लेख करते हुए इसे राजनीतिक प्रतिशोध करार दिया। उनका कहना था कि पूर्व मुख्यमंत्रियों को प्रोटोकॉल के तहत मिलने वाली सुरक्षा सुनिश्चित की जानी चाहिए।
उन्होंने प्रयागराज में आयोजित माघ मेले का जिक्र करते हुए संत समाज के अपमान का आरोप लगाया। अखिलेश यादव ने कहा कि शंकराचार्य से प्रमाण पत्र मांगना अनुचित है और यदि प्रशासन से कोई गलती हुई है तो मुख्यमंत्री को सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी चाहिए। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि बुलडोजर कार्रवाई के नाम पर कानून और संविधान की अनदेखी की जा रही है।
झांसी के दौरे के दौरान पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार सभी वर्गों का अपमान कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि शंकराचार्य और बटुकों के साथ दुर्व्यवहार हुआ और इस पर सरकार को जवाब देना चाहिए। साथ ही उन्होंने 2027 के विधानसभा चुनाव में भाजपा को सत्ता से बाहर करने का दावा भी किया।हालांकि, इन आरोपों पर राज्य सरकार की ओर से तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

