पटना। भोजपुरी लोक संगीत की दुनिया में तेजी से उभरता नाम करीना पांडे आज किसी पहचान की मोहताज नहीं हैं। एक समय ऐसा था जब उन्हें गाना गाने के लिए 100 रुपये तक देने को कोई तैयार नहीं होता था, लेकिन आज उनकी लोकप्रियता का आलम यह है कि वह देशभर में आयोजित स्टेज शो के लिए एकल प्रस्तुति के बदले डेढ़ से दो लाख रुपये तक शुल्क लेती हैं।
पिछले एक वर्ष के दौरान करीना पांडे के कई गीत सोशल मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्म पर जबरदस्त हिट साबित हुए हैं। उनके 5 से 6 गीतों ने करोड़ों व्यूज हासिल किए हैं, जिससे वह भोजपुरी संगीत जगत की चर्चित गायिकाओं में शामिल हो गई हैं।
बड़ी बहन के साथ शुरू किया सफर
करीना पांडे ने अपनी बड़ी बहन हेम पांडे के साथ संगीत के क्षेत्र में कदम रखा और धीरे-धीरे अपनी अलग पहचान बनाई। अपनी मेहनत, मधुर आवाज और पारंपरिक भोजपुरी लोकगीतों के प्रति समर्पण के कारण उन्होंने श्रोताओं के बीच खास जगह बनाई है।
इन गीतों ने दिलाई लोकप्रियता
करीना पांडे के कई गीत दर्शकों के बीच बेहद लोकप्रिय हुए हैं। इनमें “काहे नथिए ले अइल उधार”, “छने-छने बदले तोहरे मिजाज” और “लाखों मरेले हमरा पर” जैसे गीत शामिल हैं। इन गीतों ने उन्हें भोजपुरी संगीत प्रेमियों के दिलों में खास स्थान दिलाया है।
साफ-सुथरे गीतों की समर्थक
करीना पांडे का मानना है कि भोजपुरी संगीत में साफ-सुथरे और पारिवारिक गीतों को भी दर्शकों का भरपूर प्यार मिल सकता है। उनका कहना है कि उन्होंने कभी नहीं सोचा था कि पारंपरिक भोजपुरी गीत गाकर वह इतनी बड़ी सफलता हासिल कर पाएंगी।
उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय ईश्वर, परिवार और दर्शकों के प्यार को देते हुए कहा कि लोगों के आशीर्वाद और समर्थन ने उन्हें इस मुकाम तक पहुंचाया है।
लाखों में पहुंची कमाई
लगातार बढ़ती लोकप्रियता और देशभर में स्टेज कार्यक्रमों की मांग के कारण करीना पांडे की आय में भी उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। आज वह भोजपुरी संगीत उद्योग की उन युवा गायिकाओं में गिनी जाती हैं, जिनकी मांग तेजी से बढ़ रही है और जिनके गीत करोड़ों लोगों तक पहुंच रहे हैं।
भोजपुरी लोक संस्कृति और पारंपरिक संगीत को नई पहचान दिलाने वाली करीना पांडे की सफलता की कहानी आज कई उभरते कलाकारों के लिए प्रेरणा बन चुकी है।

