नई दिल्ली। विश्व हिंदू परिषद (विहिप) ने श्रद्धेय अशोक सिंहल जी की जन्मशताब्दी वर्ष के अवसर पर वर्षभर चलने वाले देश-विदेश के विभिन्न कार्यक्रमों की घोषणा की है। विहिप के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष एवं वरिष्ठ अधिवक्ता श्री आलोक कुमार ने शुक्रवार को इंद्रप्रस्थ, दिल्ली में आयोजित पत्रकार वार्ता में कार्यक्रमों की जानकारी दी।
श्री आलोक कुमार ने कहा कि 27 सितंबर से श्रद्धेय अशोक सिंहल जी के प्रेरणादायी जीवन, दूरदर्शी चिंतन तथा राष्ट्र और समाज के प्रति उनके योगदान का स्मरण करते हुए उन्हें श्रद्धा और कृतज्ञता अर्पित की जाएगी। उन्होंने कहा कि अयोध्या धाम में राम मंदिर निर्माण के बाद विहिप काशी और मथुरा से जुड़े अशोक सिंहल के संकल्पों को भी आगे बढ़ाने की बात कर रहा है। इसके साथ ही अवैध धर्मांतरण पर प्रतिबंध, घर वापसी को बढ़ावा, वैदिक ज्ञान-विज्ञान का प्रचार-प्रसार, मंदिरों को सरकारी नियंत्रण से मुक्त कराने तथा सामाजिक समरसता और सेवा से जुड़े कार्यों को गति देने का प्रयास किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि इन उद्देश्यों को लेकर वर्षभर हजारों विचार गोष्ठियां, सभाएं, प्रदर्शनियां और अन्य कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
भारत मंडपम में 27 सितंबर को भव्य उद्घाटन
जन्मशताब्दी वर्ष का भव्य उद्घाटन समारोह 27 सितंबर, रविवार को शाम 4 बजे से भारत मंडपम, नई दिल्ली के प्लेनरी हॉल, लेवल-3 में आयोजित किया जाएगा। कार्यक्रम का आयोजन विश्व हिंदू परिषद और अशोक सिंहल फाउंडेशन की ओर से किया जा रहा है।
समारोह में अशोक सिंहल जी के जीवन, आध्यात्मिक संस्कारों, संगठनात्मक कार्यों, श्रीराम जन्मभूमि आंदोलन में उनकी भूमिका और भारतीय संस्कृति के प्रति उनके समर्पण पर आधारित विशेष प्रदर्शनी लगाई जाएगी।
इस अवसर पर ‘मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम के दिव्य पदचिह्न’ विषय पर आधारित कॉफी टेबल बुक का विमोचन भी किया जाएगा। इसके साथ ही ‘श्रीराम स्तंभ’ के प्रतिरूप का अनावरण और ‘श्रीराम स्तंभों’ का डिजिटल लोकार्पण होगा। इन स्तंभों के माध्यम से भगवान श्रीराम के जीवन, वन-गमन मार्ग तथा उससे जुड़े सांस्कृतिक और आध्यात्मिक स्थलों की स्मृतियों को जनमानस से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा।
अयोध्या में दिव्यांगजनों के लिए सेवा शिविर
अशोक सिंहल फाउंडेशन और विश्व हिंदू परिषद के सहयोग से अयोध्या स्थित कारसेवकपुरम में दिव्यांगजनों के लिए कृत्रिम अंग प्रत्यारोपण एवं सहायता उपकरण वितरण शिविर भी 27 सितंबर से शुरू होगा। यह सेवा शिविर 1 अक्टूबर 2026 तक लगातार पांच दिन चलेगा।
शिविर के माध्यम से जरूरतमंद दिव्यांगजनों को कृत्रिम अंग और आवश्यक सहायता उपकरण उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाएगा। अशोक सिंहल फाउंडेशन की ओर से भी इस शिविर के आयोजन की जानकारी दी गई है।
47 प्रमुख स्थानों पर होंगे प्रांतीय उद्घाटन कार्यक्रम
आलोक कुमार ने कहा कि जन्मशताब्दी वर्ष के कार्यक्रमों का उद्देश्य अशोक सिंहल जी के जीवन-संदेश को व्यापक समाज तक पहुंचाना, भारतीय संस्कृति के प्रति गौरवबोध जागृत करना तथा सेवा, संगठन, संस्कार और सामाजिक समरसता के कार्यों को नई ऊर्जा देना है।
उन्होंने बताया कि इसी संकल्प के तहत 27 सितंबर से 4 अक्टूबर के बीच देश के 47 प्रमुख स्थानों पर विभिन्न प्रांतों के उद्घाटन कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इसके बाद वर्षभर भारत सहित दुनिया के विभिन्न स्थानों पर सेवा, सामाजिक समरसता, जन-जागरण, विचार गोष्ठियों और प्रदर्शनियों सहित अनेक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
विहिप पहले ही जन्मशताब्दी वर्ष के लिए विशेष लोगो जारी कर चुका है। संगठन के अनुसार, इसका उद्देश्य अशोक सिंहल के विचारों, संकल्पों और कार्यों को नई पीढ़ी तक पहुंचाना है।
भारत मंडपम समारोह में विशिष्ट अतिथियों की उपस्थिति
भारत मंडपम में आयोजित उद्घाटन समारोह में परम पूज्य युगपुरुष महामंडलेश्वर स्वामी परमानंद गिरि जी महाराज का पावन सान्निध्य रहेगा। केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे, जबकि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरकार्यवाह श्री दत्तात्रेय होसबाले अति विशिष्ट अतिथि के रूप में कार्यक्रम में शामिल होंगे।
विहिप के अनुसार, जन्मशताब्दी वर्ष के दौरान आयोजित होने वाले कार्यक्रमों के जरिए अशोक सिंहल के जीवन, संगठनात्मक कार्यों और सांस्कृतिक योगदान को समाज के विभिन्न वर्गों तक पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा।

