‘ट्रैवल प्लस लीजर’ की प्रतिष्ठित वैश्विक रैंकिंग में दो शहरों ने एक साथ दर्ज कराई मौजूदगी, पर्यटन, निवेश और रोजगार को मिलेगा नया संबल
जयपुर, 24 जुलाई। राजस्थान ने एक बार फिर दुनिया के पर्यटन मानचित्र पर अपनी मजबूत पहचान दर्ज कराई है। विश्व की प्रतिष्ठित पर्यटन पत्रिका ‘ट्रैवल प्लस लीजर’ द्वारा जारी ‘वर्ल्ड्स बेस्ट अवॉर्ड्स 2026’ में राजस्थान के दो ऐतिहासिक शहर उदयपुर और जयपुर को दुनिया और एशिया के सर्वश्रेष्ठ पर्यटन शहरों की सूची में एक साथ स्थान मिला है। यह उपलब्धि केवल दो शहरों की नहीं, बल्कि राजस्थान की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, ऐतिहासिक धरोहर, उत्कृष्ट आतिथ्य और पर्यटन क्षेत्र की बढ़ती वैश्विक स्वीकार्यता का प्रतीक मानी जा रही है।
वैश्विक रैंकिंग में उदयपुर ने दुनिया के सर्वश्रेष्ठ शहरों की सूची में 12वां और जयपुर ने 16वां स्थान प्राप्त किया है। वहीं, एशिया के 15 सर्वश्रेष्ठ शहरों की सूची में उदयपुर आठवें और जयपुर दसवें स्थान पर रहा। किसी राज्य के दो शहरों का एक साथ दोनों प्रतिष्ठित सूचियों में शामिल होना अपने आप में एक उल्लेखनीय उपलब्धि है।
वैश्विक पहचान से मजबूत होगी राजस्थान की पर्यटन अर्थव्यवस्था
पर्यटन विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की अंतरराष्ट्रीय मान्यता केवल सम्मान तक सीमित नहीं रहती, बल्कि इसका सीधा प्रभाव विदेशी पर्यटकों की संख्या, पर्यटन निवेश, होटल उद्योग, स्थानीय व्यापार, हस्तशिल्प, परिवहन और रोजगार के अवसरों पर भी पड़ता है।
राजस्थान पहले से ही देश के प्रमुख पर्यटन राज्यों में शामिल है। ऐसे में यह उपलब्धि अंतरराष्ट्रीय पर्यटकों के बीच प्रदेश की विश्वसनीयता और आकर्षण को और मजबूत करेगी। विदेशी पर्यटकों के साथ-साथ उच्च आय वर्ग के घरेलू पर्यटकों के लिए भी राजस्थान की लोकप्रियता बढ़ने की संभावना है।
सरकार की पर्यटन रणनीति को मिली बड़ी सफलता
पर्यटन आयुक्त रूकमणी रियाड़ ने इस उपलब्धि को पूरे राजस्थान के लिए गर्व का विषय बताते हुए कहा कि यह सम्मान राज्य की समृद्ध विरासत, जीवंत संस्कृति, उत्कृष्ट आतिथ्य और पर्यटन क्षेत्र से जुड़े सभी हितधारकों के सामूहिक प्रयासों का परिणाम है।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व और उपमुख्यमंत्री एवं पर्यटन मंत्री दिया कुमारी के मार्गदर्शन में राज्य सरकार राजस्थान को विश्व पर्यटन मानचित्र पर और अधिक सशक्त बनाने के लिए लगातार कार्य कर रही है। उनका विश्वास है कि इस उपलब्धि से प्रदेश की अंतरराष्ट्रीय पहचान और मजबूत होगी तथा पर्यटन क्षेत्र में निवेश और रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।
कैसे तैयार होती है यह वैश्विक रैंकिंग?
‘ट्रैवल प्लस लीजर’ की वार्षिक रैंकिंग दुनिया भर के यात्रियों के अनुभवों और मतदान के आधार पर तैयार की जाती है। इसमें किसी शहर का मूल्यांकन केवल उसके ऐतिहासिक महत्व से नहीं, बल्कि कई व्यापक मानकों पर किया जाता है।
इनमें प्रमुख रूप से शामिल हैं—
- ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत
- पर्यटन आकर्षण
- स्थानीय खान-पान
- होटल एवं आतिथ्य सेवाएं
- खरीदारी का अनुभव
- स्वच्छता और आधारभूत सुविधाएं
- पर्यटकों की संतुष्टि
इस वर्ष दुनिया भर के 2.07 लाख से अधिक पाठकों ने मतदान किया और 10 हजार से अधिक शहरों, होटलों, रिसॉर्ट्स, क्रूज सेवाओं, एयरलाइंस और पर्यटन अनुभवों का मूल्यांकन किया। पर्यटन उद्योग में इस सम्मान को सबसे विश्वसनीय और प्रतिष्ठित वैश्विक मान्यताओं में गिना जाता है।
उदयपुर: झीलों का शहर, शाही अनुभव की पहचान
उदयपुर लंबे समय से दुनिया के सबसे रोमांटिक और आकर्षक पर्यटन स्थलों में गिना जाता है। पिछोला झील, फतेहसागर, सिटी पैलेस, सज्जनगढ़, बाग-बगीचे और अरावली की प्राकृतिक सुंदरता इसे विशेष बनाती है।
राजसी विरासत, लक्ज़री पर्यटन और विश्वस्तरीय आतिथ्य सेवाओं के कारण उदयपुर विदेशी पर्यटकों की पहली पसंद बना हुआ है। यही कारण है कि अंतरराष्ट्रीय पर्यटन रैंकिंग में यह लगातार अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराता रहा है।
जयपुर: विरासत और आधुनिक पर्यटन का अनूठा संगम
विश्व धरोहर शहर जयपुर अपनी गुलाबी स्थापत्य शैली, आमेर किला, हवा महल, जंतर-मंतर, सिटी पैलेस, पारंपरिक बाजारों, हस्तशिल्प, लोक संस्कृति और आधुनिक पर्यटन सुविधाओं के कारण वैश्विक पर्यटकों को लगातार आकर्षित करता है।
इतिहास, संस्कृति, खान-पान, खरीदारी और आधुनिक शहरी सुविधाओं का अनूठा मेल जयपुर को अंतरराष्ट्रीय पर्यटन बाजार में विशिष्ट पहचान दिलाता है।
विदेशों में आक्रामक पर्यटन प्रचार का मिला लाभ
पिछले कुछ वर्षों में राजस्थान सरकार ने वैश्विक स्तर पर पर्यटन प्रचार को विशेष प्राथमिकता दी है। विभिन्न देशों में आयोजित रोड शो, अंतरराष्ट्रीय पर्यटन मेले, निवेशक सम्मेलन, सांस्कृतिक कार्यक्रम, डिजिटल प्रचार अभियान और वैश्विक आयोजनों के माध्यम से राजस्थान की विरासत, वन्यजीव, धार्मिक, ग्रामीण और सांस्कृतिक पर्यटन की व्यापक ब्रांडिंग की गई है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यही रणनीति अब अंतरराष्ट्रीय मंचों पर सकारात्मक परिणाम देने लगी है।
राजस्थान की बढ़ती वैश्विक प्रतिष्ठा
दुनिया और एशिया—दोनों की सर्वश्रेष्ठ पर्यटन शहरों की सूची में एक साथ उदयपुर और जयपुर का स्थान बनाना इस बात का प्रमाण है कि राजस्थान केवल भारत ही नहीं, बल्कि वैश्विक पर्यटन उद्योग में भी तेजी से अपनी मजबूत पहचान स्थापित कर रहा है। यह उपलब्धि आने वाले वर्षों में राज्य को विदेशी निवेश, पर्यटन विकास और स्थानीय रोजगार के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।

