नई दिल्ली: लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने एक बार फिर केंद्र सरकार और चुनाव आयोग पर तीखा हमला बोला है। आकाशवाणी भवन परिसर में विपक्षी सांसदों के साथ मौजूद राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि देश की चुनावी प्रक्रिया को बर्बाद किया जा रहा है और लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमजोर किया जा रहा है। उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार पर भी सवाल उठाते हुए पूछा कि आखिर वे विपक्षी सांसदों से मिलने और उनके सवालों का जवाब देने से क्यों बच रहे हैं।
राहुल गांधी ने कहा कि पूरा देश जानता है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक मोहन भागवत और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने मिलकर चुनावी प्रक्रिया को बर्बाद कर दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि लोकतंत्र को बचाने के लिए विपक्ष संघर्ष कर रहा है।
उन्होंने कहा कि विपक्ष के करीब 300 सांसद चुनाव आयोग से मिलना चाहते हैं और बंगाल, हरियाणा, मध्य प्रदेश तथा महाराष्ट्र के चुनावों को लेकर सवाल पूछना चाहते हैं। राहुल गांधी ने कहा कि यदि चुनाव में कोई गड़बड़ी नहीं हुई है तो चुनाव आयोग को विपक्षी सांसदों से मिलने में कोई परेशानी नहीं होनी चाहिए।
‘हम संविधान और लोकतंत्र बचाने की कोशिश कर रहे’
राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमित शाह ने देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था पर कब्जा कर लिया है। उन्होंने कहा कि विपक्ष संविधान और लोकतंत्र को बचाने की कोशिश कर रहा है।
उन्होंने कहा कि विपक्ष उन सभी लोगों को नहीं बख्शेगा जो देश की लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमजोर करने में शामिल हैं। राहुल गांधी ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर निशाना साधते हुए कहा कि वे ‘निर्वाचन सदन’ के बाहर मौजूद करीब 300 सांसदों से मिलने से डर रहे हैं।
राहुल गांधी ने कहा कि विपक्षी सांसद देश के निर्वाचित प्रतिनिधि हैं और वे चुनाव आयोग से केवल सवाल पूछना चाहते हैं। उन्होंने सवाल किया कि यदि संवैधानिक पद पर बैठे अधिकारी चुने हुए प्रतिनिधियों से बात करने से इनकार करते हैं तो ऐसे में भारतीय लोकतंत्र की स्थिति क्या होगी।
पुलिस से बोले- बताइए, मैं कहां बैठ सकता हूं?
आकाशवाणी भवन परिसर में पुलिस द्वारा रोके जाने को लेकर भी राहुल गांधी ने अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि पहले उन्हें एक स्थान से हटाया गया और अब दूसरे स्थान पर भी बैठने से रोका जा रहा है।
राहुल गांधी ने कहा कि उन्होंने पुलिस से पूछा कि यदि उन्हें यहां से हटाना है तो हटा दें, लेकिन यह बता दें कि देश में वे कहां बैठ सकते हैं। उन्होंने सवाल किया कि क्या वे इंडिया गेट, जंतर-मंतर या सड़क पर बैठ सकते हैं। राहुल गांधी ने कहा कि उन्हें सिर्फ एक जगह बता दी जाए, जहां वे शांतिपूर्वक बैठ सकें।
‘300 सांसदों को क्यों रोका गया?’
इससे पहले राहुल गांधी ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि लोकसभा और राज्यसभा के लगभग 300 सांसद चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और उनके दो सहयोगियों से मिलने के लिए निर्वाचन सदन जाना चाहते थे।
उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस ने विपक्षी सांसदों को वहां जाने से रोक दिया और बाद में उन्हें आकाशवाणी भवन के पास बैठा दिया गया। राहुल गांधी ने कहा कि वे देश के प्रतिनिधि हैं और देश की आवाज का प्रतिनिधित्व करते हैं।
उन्होंने सवाल किया कि जब चुनाव आयोग का कार्यालय वहां से महज कुछ दूरी पर है तो करीब 300 सांसदों को वहां जाने से क्यों रोका गया। उन्होंने दोहराया कि विपक्ष लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमजोर करने वालों के खिलाफ आवाज उठाता रहेगा।
रविशंकर प्रसाद का पलटवार- देश में अराजकता फैलाना चाहते हैं राहुल
राहुल गांधी के आरोपों पर भाजपा सांसद रविशंकर प्रसाद ने पलटवार किया। उन्होंने राहुल गांधी पर देश में अराजकता फैलाने का आरोप लगाया।
रविशंकर प्रसाद ने कहा कि राहुल गांधी दिल्ली के संवेदनशील इलाकों में बैठकर अराजकता फैलाने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी, कांग्रेस अध्यक्ष और अन्य नेता बैलेट पेपर वापस लाने की मांग कर रहे हैं।
भाजपा सांसद ने आरोप लगाया कि विपक्ष इलेक्ट्रॉनिक तकनीक के जरिए होने वाले चुनाव में जीत नहीं पाने के कारण बैलेट पेपर की वापसी की मांग कर रहा है। उन्होंने दावा किया कि मतपत्र की वापसी से बूथ कैप्चरिंग जैसी पुरानी चुनावी अनियमितताओं का रास्ता खुल सकता है।
हालांकि, राहुल गांधी और विपक्ष की ओर से चुनावी प्रक्रिया को लेकर लगाए गए आरोपों तथा भाजपा की ओर से लगाए गए जवाबी आरोपों पर चुनाव आयोग का पक्ष इस बयान में सामने नहीं आया है।

