पटना: बिहार की चर्चित बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव की मतगणना के बीच जन सुराज के उम्मीदवार प्रशांत किशोर लगातार बढ़त बनाए हुए हैं। मतगणना के दौरान वह काउंटिंग सेंटर पहुंचे और अपनी बढ़त पर प्रतिक्रिया देते हुए इसे जनता की जीत बताया। इस उपचुनाव में भाजपा के नीरज सिन्हा, जन सुराज के प्रशांत किशोर, राजद की रेखा गुप्ता समेत कुल 25 उम्मीदवारों की किस्मत दांव पर लगी है।
मीडिया से बातचीत में प्रशांत किशोर ने कहा, “यह बांकीपुर की जनता की जीत है। जनता ने केंद्रीय नेतृत्व को स्पष्ट संदेश दिया है कि बिहार का मुख्यमंत्री किसी अच्छे और सक्षम व्यक्ति को बनाया जाए।”
उन्होंने आगे कहा कि जिन मतदाताओं ने उन पर भरोसा जताया है, उनका वह हृदय से आभार व्यक्त करते हैं। साथ ही उन्होंने कहा, “जिन लोगों ने हमें वोट नहीं दिया, उनका भी विश्वास जीतने का प्रयास करेंगे।”
बांकीपुर में पहले राउंड से बढ़त बनाए हुए जन सुराज पार्टी के संस्थापक औ प्रत्याशी प्रशांत किशोर ने पहली प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि यहां भाजपा का 30 बरस का गढ़ 30 दिनों में ढह गया। यह चुनाव विधायक चुनने के लिए नहीं था। मेरी सम्राट चौधरी से कोई व्यक्तिगत लड़ाई नहीं है, लेकिन इस चुनाव के माध्यम से बिहार की जनता ने भाजपा को यह संदेश दिया है कि किसी अच्छे चरित्रवान और काबिल इंसान को बिहार का मुख्यमंत्री बनाइए। जितनी चिंता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह गुजरात के लिए करते हैं, तो थोड़ी चिंता बिहार की भी करें ताकि यहां का पलायन रुके और बेरोजगारी कम हो। जिन्होंने हमें वोट दिया, उनका धन्यवाद। जिन्होंने वोट नहीं दिया, उनसे यही कहना चाहते हैं कि आपका विश्वास जीतने के लिए और मेहनत और प्रयास करेंगे। मेरे विधायक बनने से बांकीपुर बंगलूरू नहीं बनेगा, लेकिन आपको दो-तीन महीने में फर्क जरूर दिखेगा।
हार के बाद भाजपा ने स्वीकार किया जनादेश
उपचुनाव में भाजपा के पीछे रहने के बाद पार्टी नेताओं की प्रतिक्रियाएं भी सामने आई हैं। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने कहा कि पार्टी जनता के फैसले का सम्मान करती है।
उन्होंने कहा, “हम सिर झुकाकर जनता के आदेश को स्वीकार करते हैं।”
वहीं बिहार के उपमुख्यमंत्री विजय सिन्हा ने कहा कि भाजपा लोकतांत्रिक मूल्यों में विश्वास रखती है और चुनाव परिणामों का सम्मान करती है।
उन्होंने कहा, “हम विपक्ष की तरह ईवीएम को बदनाम नहीं करते। जनता का फैसला सर्वोपरि है। पार्टी इस हार की समीक्षा करेगी और आगे की रणनीति तय करेगी।”
बांकीपुर उपचुनाव के परिणाम को बिहार की राजनीति के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। यदि अंतिम नतीजों में प्रशांत किशोर अपनी बढ़त बरकरार रखते हैं, तो इसे जन सुराज के लिए बड़ी राजनीतिक सफलता के रूप में देखा जाएगा। वहीं भाजपा के लिए यह परिणाम आत्ममंथन का विषय बन सकता है।

