नई दिल्ली। ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान ने देश के सर्वोच्च नेता रहे अयातुल्ला अली खामेनेई के अंतिम संस्कार समारोह में शामिल होने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को विशेष आमंत्रण भेजा है। हालांकि, भारत सरकार की ओर से अभी तक इस निमंत्रण की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।
सूत्रों के अनुसार, अयातुल्ला खामेनेई के अंतिम संस्कार से जुड़े धार्मिक और राजकीय कार्यक्रम 5 से 9 जुलाई के बीच आयोजित किए जाएंगे। खामेनेई ने लगभग तीन दशकों तक ईरान के सर्वोच्च नेता के रूप में देश का नेतृत्व किया। उनकी मृत्यु 28 फरवरी को ईरान पर हुए एक कथित संयुक्त सैन्य हमले के दौरान हुई थी।
अंतिम संस्कार से संबंधित प्रमुख कार्यक्रम 5, 6 और 7 जुलाई को तेहरान और कोम में आयोजित किए जाएंगे, जबकि समापन समारोह 9 जुलाई को मशहद में प्रस्तावित है। इन कार्यक्रमों में दुनिया के कई देशों के प्रमुख नेताओं और प्रतिनिधियों के शामिल होने की संभावना जताई जा रही है।
इस बीच, पश्चिम एशिया के भू-राजनीतिक परिदृश्य में भी महत्वपूर्ण बदलाव देखने को मिल रहे हैं। अमेरिका और ईरान के बीच हाल ही में एक अंतरिम समझौता हुआ है, जिसके बाद होर्मुज जलडमरूमध्य से जहाजों की आवाजाही फिर से सामान्य होने लगी है। समझौते के तहत अमेरिकी वित्त मंत्रालय ने ईरानी तेल पर लागू कुछ प्रतिबंधों में 60 दिनों की अस्थायी छूट प्रदान की है।
इस निर्णय के बाद अमेरिकी बाजार में ईरानी तेल के आयात का रास्ता भी खुल गया है। उल्लेखनीय है कि अमेरिका ने 1990 के दशक के बाद से बड़े पैमाने पर ईरानी तेल का आयात नहीं किया था। विश्लेषकों का मानना है कि यह कदम वैश्विक ऊर्जा बाजार और क्षेत्रीय कूटनीति दोनों पर महत्वपूर्ण प्रभाव डाल सकता है।

