केंद्रीय बजट 2026-27 पेश होने के बाद देश की राजनीति गरमा गई है। इतिहास में पहली बार रविवार को बजट पेश किया गया, जिसे वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अपने कार्यकाल का नौवां बजट बताया। सरकार ने इस बजट में पूंजीगत व्यय यानी कैपिटल एक्सपेंडिचर को बढ़ाकर वित्त वर्ष 2027 के लिए 12.2 लाख करोड़ रुपये करने का लक्ष्य रखा है, जो पिछले वर्ष 11.2 लाख करोड़ रुपये था।हालांकि, विपक्षी दलों ने इस बजट को लेकर सरकार पर जमकर निशाना साधा है और इसे आम जनता की उम्मीदों पर खरा न उतरने वाला बताया है।
कांग्रेस का हमला
कांग्रेस ने बजट 2026 को निराशाजनक करार दिया है। पार्टी का कहना है कि वित्त मंत्री का बजट भाषण बेहद संक्षिप्त रहा और इसमें ठोस समाधान नजर नहीं आए।कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा कि देश में युवाओं को रोजगार नहीं मिल रहा, मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर कमजोर हो रहा है, निवेशक पैसा निकाल रहे हैं और घरेलू बचत लगातार घट रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि किसान परेशान हैं और आने वाली वैश्विक चुनौतियों को भी बजट में नजरअंदाज किया गया है। राहुल गांधी के अनुसार यह बजट देश के असली संकटों को समझने में असफल रहा है।कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने भी सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि मोदी सरकार के पास अब नए विचार नहीं बचे हैं। उनके मुताबिक यह बजट आर्थिक, सामाजिक और राजनीतिक चुनौतियों का कोई ठोस समाधान पेश नहीं करता। उन्होंने कहा कि किसान आज भी प्रभावी योजनाओं का इंतजार कर रहे हैं और देश में असमानता लगातार बढ़ रही है। साथ ही एससी, एसटी, ओबीसी, ईडब्ल्यूएस और अल्पसंख्यक वर्गों के लिए बजट में कोई खास राहत नहीं दी गई है।कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने बजट को केरल के लिए निराशाजनक बताया। उन्होंने कहा कि पिछले वर्षों से केरल में एम्स की घोषणा की जा रही है, लेकिन इस बजट में इसका कोई उल्लेख नहीं है। उनका कहना है कि पर्यटन, विमानन और स्वास्थ्य सेवाओं में योगदान देने के बावजूद राज्य को ठोस आवंटन नहीं मिला।कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने भी बजट को उम्मीदों से कम और प्रभावहीन बताते हुए इसे फीका करार दिया।
समाजवादी पार्टी की प्रतिक्रिया
समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने बजट को लेकर कटाक्ष करते हुए कहा कि यह आम लोगों की समझ से बाहर है। उन्होंने आरोप लगाया कि शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे बुनियादी क्षेत्रों को नजरअंदाज किया गया है। अखिलेश यादव ने कहा कि विकसित भारत के लक्ष्य को पाने के लिए शिक्षा बजट में बढ़ोतरी जरूरी है।एसपी सांसद डिंपल यादव ने भी कहा कि बजट में महिलाओं और युवाओं के लिए कोई ठोस प्रावधान नहीं किया गया है। उन्होंने शिक्षा, स्वास्थ्य और कृषि क्षेत्र में अधिक निवेश की मांग की।
तृणमूल कांग्रेस का आरोप
तृणमूल कांग्रेस प्रमुख और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने केंद्र सरकार पर बंगाल के साथ भेदभाव करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि राज्य को इस बजट में कोई आर्थिक सहायता नहीं दी गई है। ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि केंद्र केवल टैक्स वसूल रहा है, लेकिन राज्यों को उनका हक नहीं दे रहा। उनके अनुसार इससे देश के आर्थिक और संवैधानिक ढांचे को नुकसान पहुंच रहा है।

