मुंबई। भारतीय सिनेमा के महान अभिनेता, लेखक और निर्देशक मनोज कुमार की 89वीं जयंती के अवसर पर ज़ी क्लासिक उनके सिनेमाई योगदान को सम्मान देने के लिए एक विशेष फिल्म फेस्टिवल आयोजित कर रहा है। 19 जुलाई से 24 जुलाई तक दर्शकों को हर शाम 7 बजे मनोज कुमार की छह प्रतिष्ठित फिल्मों का आनंद लेने का अवसर मिलेगा। यह विशेष प्रस्तुति उनके सिनेमा, देशभक्ति और सामाजिक सरोकारों को समर्पित होगी।
‘भारत कुमार’ के नाम से लोकप्रिय मनोज कुमार ने अपने चार दशक से अधिक लंबे फिल्मी करियर में हिंदी सिनेमा को नई दिशा दी। उन्होंने मनोरंजन के साथ-साथ देशभक्ति, सामाजिक मूल्यों, आम आदमी के संघर्ष और भारतीय संस्कृति को अपनी फिल्मों का केंद्र बनाया। अभिनेता होने के साथ-साथ लेखक और निर्देशक के रूप में भी उन्होंने ऐसी कालजयी फिल्में दीं, जो आज भी दर्शकों के बीच उतनी ही लोकप्रिय हैं।
इन कालजयी फिल्मों का होगा प्रसारण
ज़ी क्लासिक के इस विशेष फिल्म फेस्टिवल की शुरुआत ‘रोटी कपड़ा और मकान’ से होगी, जिसमें आम आदमी के संघर्ष और सपनों को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया गया है।
इसके बाद ‘उपकार’ का प्रसारण होगा, जिसने मनोज कुमार को ‘भारत कुमार’ की पहचान दिलाई। किसानों और जवानों को समर्पित यह फिल्म आज भी देशभक्ति की श्रेष्ठ फिल्मों में गिनी जाती है।
फेस्टिवल में ‘पूरब और पश्चिम’ के माध्यम से भारतीय संस्कृति और मूल्यों की झलक देखने को मिलेगी, जबकि ‘शोर’ एक पिता के प्रेम, संघर्ष और भावनाओं की मार्मिक कहानी प्रस्तुत करेगी।
वहीं ‘शहीद’ में शहीद-ए-आजम भगत सिंह के रूप में मनोज कुमार का दमदार अभिनय दर्शकों को एक बार फिर प्रेरित करेगा। इस विशेष श्रृंखला का समापन 24 जुलाई को उनकी ऐतिहासिक फिल्म ‘क्रांति’ के विशेष प्रसारण के साथ होगा।
सह-कलाकारों ने साझा कीं यादें
इस अवसर पर मनोज कुमार के साथ काम कर चुके कई दिग्गज कलाकारों ने उन्हें याद करते हुए अपनी भावनाएं साझा कीं।
शत्रुघ्न सिन्हा ने कहा कि मनोज कुमार केवल एक महान अभिनेता या निर्देशक नहीं थे, बल्कि ऐसे कलाकार थे जो हर फिल्म को पूरी निष्ठा से जीते थे। उनके लिए सिनेमा केवल मनोरंजन नहीं, बल्कि समाज को संदेश देने का माध्यम था। उन्होंने कहा कि मनोज कुमार की सादगी, अनुशासन और देशप्रेम हमेशा प्रेरणा देते रहेंगे।
हेमा मालिनी ने कहा कि मनोज कुमार के साथ काम करना उनके करियर का यादगार अनुभव रहा। उनके अनुसार, मनोज कुमार अपने कलाकारों को धैर्यपूर्वक मार्गदर्शन देते थे और अभिनय में सच्चाई को सबसे अधिक महत्व देते थे। उन्होंने कहा कि उनकी फिल्मों के हर दृश्य में उनकी मेहनत, संवेदनशीलता और अनुशासन झलकता है।
प्रसिद्ध संगीतकार प्यारेलाल ने कहा कि मनोज कुमार संगीत की गहरी समझ रखते थे। वे प्रत्येक गीत की धुन के साथ-साथ उसके भाव और कहानी में उसकी भूमिका पर भी विस्तार से चर्चा करते थे। यही कारण है कि उनकी फिल्मों के गीत आज भी लोगों की जुबान पर हैं।
प्रेम चोपड़ा ने मनोज कुमार को याद करते हुए कहा कि वे कैमरे के सामने जितने गंभीर और समर्पित थे, निजी जीवन में उतने ही सहज, मिलनसार और स्नेही इंसान थे। उन्होंने कहा कि मनोज कुमार ने अपने विचारों और मूल्यों से कभी समझौता नहीं किया और हमेशा देश, रिश्तों तथा इंसानियत को अपनी फिल्मों का केंद्र बनाया।
भारतीय सिनेमा के स्वर्णिम दौर का उत्सव
ज़ी क्लासिक का यह विशेष फिल्म फेस्टिवल केवल मनोज कुमार को श्रद्धांजलि नहीं, बल्कि भारतीय सिनेमा के उस स्वर्णिम दौर का उत्सव भी है जिसने कई पीढ़ियों को प्रेरित किया। यह फेस्टिवल पुराने दर्शकों के लिए यादों को ताजा करेगा, वहीं नई पीढ़ी को भारतीय सिनेमा की कालजयी फिल्मों से परिचित होने का अवसर देगा।
मनोज कुमार की 89वीं जयंती के उपलक्ष्य में 19 से 24 जुलाई तक हर शाम 7 बजे ज़ी क्लासिक पर यह विशेष फिल्म फेस्टिवल प्रसारित होगा। 24 जुलाई को उनकी जयंती के अवसर पर भव्य फिल्म ‘क्रांति’ की विशेष प्रस्तुति की जाएगी।

