Home Fashion & Lifestyle सुंदरता बढ़ाने के नाम पर इंजेक्शन अब नहीं, सरकार ने खींची स्पष्ट रेखा

सुंदरता बढ़ाने के नाम पर इंजेक्शन अब नहीं, सरकार ने खींची स्पष्ट रेखा

0
सुंदरता बढ़ाने के नाम पर इंजेक्शन अब नहीं, सरकार ने खींची स्पष्ट रेखा

देशभर में तेजी से बढ़ रहे स्किन एन्हांसमेंट और एंटी-एजिंग ट्रीटमेंट्स के बीच केंद्र सरकार ने कॉस्मेटिक प्रोडक्ट्स के इस्तेमाल को लेकर बड़ा स्पष्टीकरण जारी किया है। केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (CDSCO) ने साफ कर दिया है कि किसी भी कॉस्मेटिक उत्पाद का उपयोग इंजेक्शन के रूप में नहीं किया जा सकता। यह नियम उपभोक्ताओं, पेशेवरों और एस्थेटिक क्लीनिक सभी पर लागू होगा।

18 मई को जारी सार्वजनिक नोटिस में CDSCO ने कहा कि इंजेक्शन के रूप में दिए जाने वाले उत्पाद “कॉस्मेटिक” की श्रेणी में नहीं आते हैं। संगठन के अनुसार कॉस्मेटिक्स केवल बाहरी उपयोग के लिए बनाए जाते हैं और इन्हें शरीर पर लगाने, छिड़कने, स्प्रे करने या सौंदर्य बढ़ाने के उद्देश्य से इस्तेमाल किया जा सकता है।

हाल के वर्षों में ब्यूटी क्लीनिकों और एस्थेटिक सेंटरों में स्किन ब्राइटनिंग इंजेक्शन, एंटी-एजिंग थेरेपी और फेस एन्हांसमेंट जैसे इंजेक्टेबल ट्रीटमेंट्स का चलन तेजी से बढ़ा है। कई जगहों पर इन्हें बिना पर्याप्त वैज्ञानिक प्रमाण और मेडिकल मंजूरी के प्रचारित किया जा रहा है। इसी को देखते हुए सरकार ने स्पष्ट किया है कि कॉस्मेटिक उत्पादों को इलाज या मेडिकल ट्रीटमेंट के तौर पर पेश करना कानून का उल्लंघन माना जाएगा।

सीडीएससीओ ने यह भी कहा कि कॉस्मेटिक्स के निर्माण और आयात को कॉस्मेटिक्स रूल्स 2020 के तहत नियंत्रित किया जाता है। यदि किसी उत्पाद में प्रतिबंधित सामग्री का उपयोग किया जाता है, भ्रामक दावे किए जाते हैं या उसे इंजेक्शन के जरिए इस्तेमाल किया जाता है तो यह ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट 1940 के नियमों का उल्लंघन होगा। विशेषज्ञों का मानना है कि लोग बिना पूरी जानकारी और जोखिम समझे इन प्रक्रियाओं का सहारा ले रहे हैं।

ऐसे उपचार से संक्रमण हो सकता है। त्वचा सुन्दर और आकर्षक होने के जगह खराब भी हो सकती है। इससे चेहरे की प्राकृतिक सुन्दरता चली जाती है उसमें बनावटीपन दिखता है। सुंदर बनने के लिए प्राकृतिक रूप से भी चिकित्सा ली जा सकती है जिसमें साइड इफेक्ट ना के बराबर होता है। ब्यूटी इंडस्ट्री में कॉस्मेटिक उपचार अभी बूम पर है बिना विशेष सावधानी के ये ब्यूटी क्लीनिक अपने ग्राहकों से मोटा पैसा वसूलते हैं पिछले कुछ सालों में त्वचा संक्रमण की कई घटनाएं सामने आई हैं इसपर नियंत्रण आवश्यक था सरकार,(केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (CDSCO) इस मामले को लेकर जागरूक थी।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here