1 फरवरी 2026 से देशभर में कई वित्तीय और उपभोक्ता नियमों में बदलाव देखने को मिल सकता है। इसी दिन केंद्रीय बजट 2026 भी पेश किया जाएगा, जिसके चलते टैक्स, ईंधन और बैंकिंग सेवाओं से जुड़े फैसले सामने आ सकते हैं। इन संभावित बदलावों का सीधा असर आम लोगों के खर्च और दैनिक जीवन पर पड़ेगा।
LPG सिलेंडर की कीमतों की समीक्षा
हर महीने की पहली तारीख को तेल विपणन कंपनियां रसोई गैस के दामों की समीक्षा करती हैं। इसलिए 1 फरवरी से घरेलू और कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर के रेट घट या बढ़ सकते हैं। हाल के महीनों में 19 किलो वाले कमर्शियल सिलेंडर की कीमतों में उतार-चढ़ाव देखा गया है।CNG, PNG और एविएशन फ्यूल रेट में बदलाव संभवगैस वितरण कंपनियां भी समय-समय पर CNG और PNG के दाम अपडेट करती हैं। बजट के आसपास इन दरों में संशोधन की संभावना रहती है। अगर कीमतें बढ़ती हैं तो परिवहन और घरेलू खर्च बढ़ सकता है। एविएशन टर्बाइन फ्यूल की दरों में बदलाव से हवाई किरायों पर भी असर पड़ सकता है।हाईवे टोल भुगतान प्रणाली FASTag को लेकर प्रक्रिया और आसान की जा सकती है। नई व्यवस्था में FASTag जारी करने वाली बैंक या संस्था ही वाहन से जुड़े दस्तावेजों की जांच पूरी करेगी, जिससे उपयोगकर्ताओं को अलग से KYC प्रक्रिया से नहीं गुजरना पड़ेगा।सरकार तंबाकू, सिगरेट और पान मसाला जैसे उत्पादों पर टैक्स बढ़ाने पर विचार कर सकती है। यदि ऐसा होता है तो इन वस्तुओं की खुदरा कीमतों में बढ़ोतरी देखी जा सकती है। इसमें एक्साइज ड्यूटी और सेस बढ़ोतरी जैसे कदम शामिल हो सकते हैं।
कुछ क्रेडिट कार्ड सुविधाओं में बदलाव
कई निजी बैंक अपने चुनिंदा क्रेडिट कार्ड फीचर्स अपडेट कर रहे हैं। कुछ प्रीमियम कार्ड पर रिवॉर्ड पॉइंट रिडेम्पशन की सीमा तय की जा सकती है। वहीं कुछ कार्ड्स पर मिलने वाले एंटरटेनमेंट या मूवी टिकट ऑफर बंद या संशोधित किए जा सकते हैं।

