नई दिल्ली: पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और उसके संभावित वैश्विक प्रभावों के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में सुरक्षा मामलों की कैबिनेट समिति (CCS) की एक उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की गई। बैठक में क्षेत्रीय सुरक्षा परिदृश्य, भारत की ऊर्जा सुरक्षा तथा कच्चे तेल और ईंधन आपूर्ति पर संभावित प्रभावों की विस्तृत समीक्षा की गई।
बैठक में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण, विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर, केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल, किरेन रिजिजू, जेपी नड्डा, पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी तथा बंदरगाह, पोत परिवहन एवं जलमार्ग मंत्री सर्बानंद सोनोवाल सहित कई वरिष्ठ मंत्री मौजूद रहे। राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल और सरकार व सुरक्षा एजेंसियों के वरिष्ठ अधिकारियों ने भी बैठक में भाग लिया।
पश्चिम एशिया की स्थिति पर गहन समीक्षा
सूत्रों के अनुसार, बैठक में पश्चिम एशिया में तेजी से बदलते घटनाक्रम और उसके भारत की ऊर्जा आवश्यकताओं पर पड़ने वाले प्रभाव का आकलन किया गया। विशेष रूप से कच्चे तेल की आपूर्ति, समुद्री व्यापार मार्गों की सुरक्षा और ऊर्जा आपूर्ति शृंखला को लेकर विभिन्न पहलुओं पर चर्चा हुई।
ईरान-अमेरिका तनाव से बढ़ी चिंता
पश्चिम एशिया में ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव ने क्षेत्रीय अस्थिरता को और बढ़ा दिया है। हालिया घटनाक्रमों के बाद दोनों पक्षों के बीच सैन्य गतिविधियां तेज हुई हैं। अमेरिका और इज़राइल द्वारा ईरान के बुनियादी ढांचे पर हवाई हमलों तथा इसके जवाब में ईरान द्वारा ड्रोन और मिसाइल हमलों ने पूरे क्षेत्र में सुरक्षा संबंधी चिंताएं बढ़ा दी हैं।
इसके अलावा, होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर भी तनाव बना हुआ है। यह समुद्री मार्ग वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है और इस क्षेत्र में किसी भी प्रकार की अस्थिरता का असर अंतरराष्ट्रीय तेल बाजारों पर पड़ सकता है।
भारत की ऊर्जा सुरक्षा पर विशेष ध्यान
बैठक में इस बात पर भी विचार किया गया कि यदि पश्चिम एशिया में तनाव और बढ़ता है, तो भारत की ऊर्जा आपूर्ति को निर्बाध बनाए रखने के लिए किन रणनीतिक कदमों की आवश्यकता होगी। सरकार की प्राथमिकता देश में ईंधन की उपलब्धता और आपूर्ति शृंखला को सुरक्षित बनाए रखना है।
राज्यसभा में सार्वजनिक परीक्षा संशोधन विधेयक पेश
इसी बीच संसद के मानसून सत्र में केंद्रीय राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने राज्यसभा में ‘सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक, 2026’ विचार एवं पारित करने के लिए प्रस्तुत किया।
यह विधेयक लोकसभा से पहले ही पारित हो चुका है। इसका उद्देश्य प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक और अन्य अनियमितताओं पर प्रभावी अंकुश लगाना है। प्रस्तावित संशोधनों के तहत पेपर लीक के मामलों में कड़ी सजा, जांच के लिए विशेष टास्क फोर्स (STF) का गठन तथा मामलों के त्वरित निपटारे के लिए विशेष फास्ट-ट्रैक अदालतों की व्यवस्था का प्रावधान किया गया है।

