ग्रेटर नोएडा वेस्ट। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के भगत सिंह नगर, ग्रेटर नोएडा वेस्ट की ओर से रविवार को टेक ज़ोन IV स्थित द श्रीराम यूनिवर्सल स्कूल परिसर में ‘युवा एकत्रीकरण’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। सुबह 8:30 बजे से 10:30 बजे तक आयोजित कार्यक्रम में नगर के सैकड़ों तरुण एवं युवा स्वयंसेवकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
कार्यक्रम का शुभारंभ सामूहिक योग प्रदर्शन से हुआ। स्वयंसेवकों ने अनुशासित एवं सामूहिक रूप से श्रीराम योग, हनुमान योग, सुभाष योग, विवेकानंद योग और ताड़ासन का प्रदर्शन किया। योगाभ्यास के माध्यम से युवाओं की शारीरिक क्षमता, एकाग्रता, अनुशासन और संगठनात्मक भावना का परिचय दिया गया।
इसके बाद आयोजित बौद्धिक सत्र में मेरठ प्रांत के सह प्रांत प्रचारक श्री आनंद जी ने युवाओं का मार्गदर्शन किया। उन्होंने युवा शक्ति को राष्ट्र निर्माण की महत्वपूर्ण शक्ति बताते हुए कहा कि युवाओं की ऊर्जा को सही दिशा और सकारात्मक उद्देश्य से जोड़ना आवश्यक है।
सही दिशा में युवा ऊर्जा बनेगी राष्ट्र निर्माण की ताकत
श्री आनंद जी ने कहा कि युवा शक्ति में अपार ऊर्जा, प्रतिभा, रचनात्मकता और परिवर्तन की क्षमता होती है। यदि यह ऊर्जा सही दिशा में प्रवाहित हो तो राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान दे सकती है, लेकिन दिशाहीन ऊर्जा के दुष्परिणाम भी सामने आ सकते हैं।
उन्होंने वर्तमान युवा पीढ़ी, विशेषकर Gen Z का उल्लेख करते हुए कहा कि युवाओं को अपनी ऊर्जा को केवल व्यक्तिगत मनोरंजन और भौतिक उपलब्धियों तक सीमित न रखकर समाज एवं राष्ट्र के व्यापक हित से जोड़ना चाहिए।
युवा शक्ति की तुलना ‘वायु’ से करते हुए उन्होंने कहा कि जिस प्रकार वायु जीवन के लिए आवश्यक है, लेकिन अनियंत्रित होने पर तूफान का रूप ले सकती है, उसी प्रकार युवा ऊर्जा भी अनुशासन, संस्कार और सही दिशा मिलने पर राष्ट्र निर्माण की अद्भुत शक्ति बन सकती है।
भगत सिंह, विवेकानंद और सुभाष से प्रेरणा लेने का आह्वान
कार्यक्रम में युवाओं को शहीद भगत सिंह, स्वामी विवेकानंद और नेताजी सुभाष चंद्र बोस जैसे महान व्यक्तित्वों के जीवन से प्रेरणा लेने का आह्वान किया गया।
वक्ताओं ने कहा कि भगत सिंह ने युवावस्था में ही देश की स्वतंत्रता के लिए अपना जीवन समर्पित कर दिया। स्वामी विवेकानंद ने युवाओं में आत्मविश्वास, चरित्र निर्माण और राष्ट्र चेतना का संचार किया, वहीं नेताजी सुभाष चंद्र बोस ने अपनी युवा ऊर्जा और सामर्थ्य को देश की स्वतंत्रता के संघर्ष में लगा दिया।
युवाओं से कहा गया कि जवानी केवल व्यक्तिगत सफलता हासिल करने का समय नहीं है, बल्कि समाज और राष्ट्र के निर्माण में योगदान देने का भी सबसे महत्वपूर्ण अवसर है।
‘पंच परिवर्तन’ को जीवन में उतारने पर जोर
बौद्धिक सत्र में संघ द्वारा प्रतिपादित ‘पंच परिवर्तन’ पर भी विस्तार से चर्चा हुई। युवाओं से सामाजिक समरसता, परिवार प्रबोधन, पर्यावरण संरक्षण, स्वदेशी जीवनशैली और नागरिक कर्तव्यों के प्रति जागरूकता को अपने दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने का आह्वान किया गया।
वक्ताओं ने कहा कि समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने में युवा पीढ़ी निर्णायक भूमिका निभा सकती है। इसके लिए युवाओं को अपने व्यक्तिगत विकास के साथ सामाजिक दायित्वों के प्रति भी सजग रहना होगा।
तकनीक से सामाजिक सेवा तक, हर क्षेत्र में युवाओं की भूमिका
श्री आनंद जी ने कहा कि भारत आज विश्व के सामने एक नई शक्ति के रूप में उभर रहा है। इस परिवर्तन में देश की युवा आबादी की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। तकनीक, शिक्षा, विज्ञान, उद्यमिता, खेल, कला और सामाजिक सेवा सहित प्रत्येक क्षेत्र में युवा भारत को नई ऊंचाइयों तक ले जाने की क्षमता रखते हैं।
उन्होंने युवाओं से अपने समय, प्रतिभा और ऊर्जा का सकारात्मक उपयोग करने तथा व्यक्तिगत सफलता के साथ समाज और राष्ट्र के प्रति अपने दायित्वों को समझने का आह्वान किया।
‘वसुधैव कुटुम्बकम्’ के भाव के साथ आगे बढ़ने का संदेश
अपने संबोधन में उन्होंने भारत के मूल चिंतन ‘वसुधैव कुटुम्बकम्’ का उल्लेख करते हुए कहा कि भारतीय सभ्यता का मूल स्वभाव संपूर्ण मानवता के कल्याण का रहा है। भारत ने सदैव विश्व को शांति, सह-अस्तित्व और मानव कल्याण का संदेश दिया है।
उन्होंने युवाओं से भारत की गौरवशाली परंपरा और आधुनिक ज्ञान-विज्ञान को साथ लेकर आगे बढ़ने तथा सशक्त, आत्मनिर्भर, संस्कारित और विश्व कल्याण का मार्गदर्शन करने वाले भारत के निर्माण में योगदान देने का आह्वान किया।
‘परम वैभव’ की ओर बढ़ने का संकल्प
कार्यक्रम के समापन पर युवाओं को राष्ट्र के प्रति अपने दायित्वों का स्मरण कराया गया और भारत को ‘परम वैभव’ तक ले जाने के संकल्प का आह्वान किया गया।
आरएसएस भगत सिंह नगर, ग्रेटर नोएडा वेस्ट द्वारा आयोजित युवा एकत्रीकरण का समापन राष्ट्रभक्ति के संकल्प और ‘सर्वे भवन्तु सुखिनः’ की मंगलकामना के साथ हुआ।
कार्यक्रम में नगर के वरिष्ठ पदाधिकारी, स्वयंसेवक और अनेक प्रबुद्ध नागरिक उपस्थित रहे।

