नई दिल्ली। ऑटोमोबाइल उद्योग के लिए उन्नत मेटल कंपोनेंट्स के डिजाइन, विकास और निर्माण में विशेषज्ञता रखने वाली बहुराष्ट्रीय कंपनी जेस्टैम्प ने आज भगापुरा में अपने प्लांट का आधिकारिक उद्घाटन किया। यह भारत में कंपनी की पांचवीं उत्पादन सुविधा है। गुजरात में स्थित यह प्लांट देश के प्रमुख ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरिंग हब में से एक है। इस परियोजना के फेज 1 और फेज 2 के तहत कुल 523.7 करोड़ रुपये का निवेश किया गया है। यह निवेश भारत के प्रति जेस्टैम्प की लंबे समय की प्रतिबद्धता को और मजबूत करता है। कंपनी पिछले 20 वर्षों से भारत में मौजूद है।
प्लांट का आधिकारिक उद्घाटन जेस्टैम्प के एग्जीक्यूटिव चेयरमैन फ्रांसिस्को जे. रिबेरास, एशिया के सीईओ एंटोनियो लोपेज़, कंट्री मैनेजर और जेस्टैम्प इंडिया के प्रेसिडेंट ग्लिन जोन्स और चीफ कॉरपोरेट ऑफिसर पेट्रीसिया रिबेरास ने किया।
भगापुरा प्लांट में किया गया यह निवेश भारतीय बाजार में कंपनी के भरोसे को दर्शाता है। यह निवेश ऐसे समय में किया जा रहा है, जब 2026 में दुनियाभर में हल्के वाहनों (Light Vehicles) के उत्पादन में गिरावट की उम्मीद है। ऐसे माहौल में जेस्टैम्प अपनी निवेश रणनीति के तहत उन बाजारों पर ध्यान दे रही है, जहां विकास की बेहतर संभावनाएं हैं, साथ ही दुनियाभर में कुल पूंजीगत खर्च को नियंत्रित रखा जा रहा है।
प्लांट में फिलहाल 31,790 वर्ग मीटर की मैन्युफैक्चरिंग क्षमता उपलब्ध है, जिसे भविष्य में मंजूरी मिलने पर बढ़ाया जा सकता है। यह विस्तार बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए किया जाएगा। मौजूदा S&P Global Mobility अनुमानों के अनुसार, भारत में हल्के वाहनों का उत्पादन 2030 तक 78 लाख यूनिट तक पहुंच सकता है, जो 2025 के स्तर से 28% अधिक होगा।
भगापुरा प्लांट में फिलहाल करीब 240 लोग काम कर रहे हैं।
जेस्टैम्प के एग्जीक्यूटिव चेयरमैन फ्रांसिस्को जे. रिबेरास ने कहा, “भारत जेस्टैम्प के लिए एक प्रमुख रणनीतिक प्राथमिकता है। यहां दो दशक पूरे करने के बाद, हमने देश में काम कर रही घरेलू और अंतरराष्ट्रीय ऑटोमोबाइल कंपनियों के एक भरोसेमंद टेक्नोलॉजी पार्टनर के रूप में अपनी पहचान बनाई है। गुजरात में हमारा निवेश हमें भारत के प्रमुख औद्योगिक केंद्रों में से एक में मैन्युफैक्चरिंग शुरू करने का मौका देता है। इससे देश में हमारी मौजूदगी और मजबूत होगी और इस महत्वपूर्ण बाजार में हमारी आगे की ग्रोथ को बढ़ावा मिलेगा।”
उन्होंने आगे कहा, “भारत में बाजार की मजबूत विकास संभावनाएं, वाहनों की गुणवत्ता में लगातार सुधार और सुरक्षा से जुड़ी बढ़ती आवश्यकताएं जेस्टैम्प के लिए महत्वपूर्ण अवसर पैदा करेंगी। हमारी उन्नत तकनीक, प्रोडक्ट्स और वैल्यू प्रपोजिशन खास तौर पर ऐसे हल्के और सुरक्षित कंपोनेंट्स तैयार करने पर केंद्रित हैं, जो ऑटोमोबाइल निर्माताओं को इन बदलती चुनौतियों का सामना करने में मदद करते हैं।”
बेहतर दक्षता और उन्नत तकनीक के लिए तैयार किया गया प्लांट
भगापुरा प्लांट में दो हॉट-स्टैम्पिंग लाइनें हैं। यह सुविधा बेहतर दक्षता, लचीलेपन और तकनीकी प्रदर्शन के उच्च मानकों को ध्यान में रखकर तैयार की गई है। इसके अलावा, प्लांट में लेजर कटिंग लाइन और असेंबली के लिए वेल्डिंग सेल्स भी मौजूद हैं।
यह प्लांट फिलहाल उन्नत तकनीक से तैयार बॉडी-इन-व्हाइट (BiW) कंपोनेंट्स के निर्माण पर केंद्रित है। यहां Ges-Gigastamping® परिवार के प्रोडक्ट्स का भी निर्माण किया जा सकता है। ये बड़े और हल्के कंपोनेंट्स वाहनों की एफिशिएंसी बेहतर करने, CO₂ उत्सर्जन कम करने, सुरक्षा बढ़ाने और वाहन असेंबली की प्रक्रिया को आसान बनाने में मदद करते हैं।
ऊर्जा दक्षता के लिए जेस्टैम्प ने एक मॉनिटरिंग सिस्टम लगाया है, जो भगापुरा प्लांट में ऊर्जा के इस्तेमाल से जुड़ी कमियों की पहचान करने और उन्हें दूर करने में मदद करता है। इससे ऊर्जा की खपत को बेहतर तरीके से नियंत्रित किया जा सकता है। कंपनी की योजना आगे नवीकरणीय स्रोतों से प्राप्त होने वाली प्रमाणित बिजली की खरीद के लिए समझौते करने की भी है।
भारत में 20 साल की ग्रोथ
जेस्टैम्प ने 2006 में भारत में कदम रखा था। शुरुआत में कंपनी ने साझेदारियों के जरिए औद्योगिक परियोजनाओं में काम किया और 2010 से देश में अपनी मैन्युफैक्चरिंग सुविधाएं विकसित करना शुरू किया। इसके बाद ग्राहकों के करीब रहकर काम करने की रणनीति और स्थानीय स्तर पर लगातार निवेश के चलते जेस्टैम्प ने भारत में अपना विस्तार कर पांच प्लांट स्थापित किए हैं। इनमें तीन महाराष्ट्र के पुणे में, एक तमिलनाडु के चेन्नई में और एक गुजरात के भगापुरा में है।
भारत में जेस्टैम्प की कुल मैन्युफैक्चरिंग क्षमता अब 188,000 वर्ग मीटर हो गई है। इसमें 14 स्टैम्पिंग प्रोडक्शन लाइनें शामिल हैं, जिनमें से पांच में हॉट स्टैम्पिंग तकनीक का इस्तेमाल होता है। इसके अलावा, दो और हॉट स्टैम्पिंग लाइनें फिलहाल लगाई जा रही हैं, जिससे देश में कंपनी की मैन्युफैक्चरिंग क्षमता और मजबूत होगी।
जेस्टैम्प की गतिविधियों के जरिए भारत में करीब 2,300 रोजगार सृजित होते हैं। कंपनी यहां बॉडी-इन-व्हाइट (BiW) कंपोनेंट्स और असेंबली, चेसिस पार्ट्स, साथ ही हिंजेज और डोर चेक्स जैसे मैकेनिज्म का विकास और निर्माण करती है।
भारत में कंपनी का राजस्व पिछले पांच पूरे वित्तीय वर्षों में 80% से अधिक बढ़ा है, जो 2025 के अंत तक बढ़कर 245 मिलियन यूरो पहुंच गया।

