नई दिल्ली। अवॉर्ड विजेता शॉर्ट फिल्म ‘द पिल’ के बाद फिल्ममेकर और लेखक प्रियांशु मोदी ने दिल्ली में आयोजित एक विशेष बुक रीडिंग कार्यक्रम के दौरान अपनी पहली कविता-पुस्तक ‘पोयम्स फ़ॉर सिगरेट्स’ (Poems For Cigarettes) लॉन्च की। निजी और आत्मीय माहौल में आयोजित इस कार्यक्रम में उनके करीबी दोस्त, परिवार के सदस्य, कलाकार और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर शामिल हुए।
बुक रीडिंग के दौरान प्रियांशु मोदी ने अपनी कविताओं के जरिए दर्शकों को अपने विचारों, भावनाओं और व्यक्तिगत अनुभवों की दुनिया से रूबरू कराया। कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने युवा फिल्ममेकर के रचनात्मक सफर और उनकी कविताओं में झलकती भावनात्मक संवेदनशीलता को करीब से महसूस किया।
इस अवसर पर अहसान वज़ीर, तान्या बेदी, तनिष्का बहल, आशी साहनी, हार्दिक अरोड़ा, रुचिका मेथवानी और अर्शन अहमद सहित कई कलाकारों और इन्फ्लुएंसर ने प्रियांशु मोदी का उत्साह बढ़ाया।
13 साल पुराने सपने का हुआ साकार
अपनी पहली कविता-पुस्तक के लॉन्च को लेकर प्रियांशु मोदी ने कहा कि यह 13 वर्षों से उनका सपना था। उन्होंने कहा कि दोस्तों और परिवार की मौजूदगी में बुक रीडिंग के जरिए पुस्तक का लॉन्च उनके जीवन की सबसे खास यादों में शामिल हो गया।
उन्होंने कहा कि जीवन को लेकर विचारों और नजरिए का आदान-प्रदान उस शाम को उनके सपने के अनुरूप बना रहा। उनके अनुसार यह अनुभव बेहद सच्चा और ईमानदार था, जो लंबे समय तक याद रहता है।
प्रियांशु मोदी ने बताया कि ‘पोयम्स फ़ॉर सिगरेट्स’ सहानुभूति, आत्मीयता और उन भावनाओं के बारे में है, जो इंसानी जीवन और रिश्तों में सबसे ज्यादा मायने रखती हैं।
फिल्म से कविता तक कहानी कहने का सफर
एक फिल्ममेकर के तौर पर लोगों और उनकी भावनाओं को करीब से देखने की अपनी आदत को प्रियांशु मोदी ने कविता के माध्यम से एक नया आयाम दिया है। उन्होंने कहा कि फिल्म के जरिए कहानी कहने और कविता के माध्यम से भावनाओं को व्यक्त करने के बीच उन्हें एक गहरा संबंध दिखाई देता है।
उनके मुताबिक, फिल्म निर्माण के दौरान वे लोगों को देखते, उनकी भावनाओं को समझते और उनके निजी पलों में कहानियां तलाशते रहे हैं। इस पुस्तक ने उन्हें उसी संवेदनशील दृष्टि को शब्दों के माध्यम से तलाशने का अवसर दिया।
भावनात्मक ईमानदारी और आत्मचिंतन की दुनिया
‘पोयम्स फ़ॉर सिगरेट्स’ के माध्यम से प्रियांशु मोदी पाठकों को ऐसी दुनिया में ले जाने की कोशिश करते हैं, जहां कविता आत्मचिंतन, भावनात्मक ईमानदारी और मानवीय जुड़ाव का माध्यम बनती है।
पुस्तक में फिल्ममेकर और लेखक के रूप में उनके अनुभवों और संवेदनाओं की झलक दिखाई देती है। कविताओं के जरिए वे उन निजी अनुभवों और भावनात्मक परतों को तलाशते हैं, जो इंसानी रिश्तों और व्यक्तित्व को आकार देती हैं।
किताब की भावना जैसा रहा लॉन्च समारोह
दिल्ली में आयोजित यह बुक रीडिंग शाम भी पुस्तक की मूल भावना के अनुरूप रही। करीबी लोगों की मौजूदगी, विचारों का आदान-प्रदान और व्यक्तिगत अनुभवों को साझा करने ने इस आयोजन को महज पुस्तक लॉन्च से आगे बढ़ाकर एक आत्मीय अनुभव बना दिया।
एक युवा फिल्ममेकर और लेखक के लिए यह अवसर इसलिए भी खास रहा, क्योंकि ‘पोयम्स फ़ॉर सिगरेट्स’ के रूप में उनके लंबे समय से संजोए एक और सपने ने हकीकत का रूप लिया।

