Tuesday, February 10, 2026
HomeInternationalभारत को लेकर कनाडा में बयानबाज़ी, एंड्रयू शीर की टिप्पणी पर बढ़ा...

भारत को लेकर कनाडा में बयानबाज़ी, एंड्रयू शीर की टिप्पणी पर बढ़ा विवाद

भारत के संदर्भ में दिए गए एक बयान को लेकर कनाडा की राजनीति में नया विवाद खड़ा हो गया है। कनाडा की विपक्षी कंजरवेटिव पार्टी के नेता और सांसद एंड्रयू शीर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट के जरिए भारत पर टिप्पणी की, जिसे लेकर उन्हें आलोचनाओं का सामना करना पड़ रहा है।

क्या बोले एंड्रयू?

एंड्रयू शीर ने अपनी पोस्ट में दावा किया कि भारत कनाडा से तेल और गैस आयात के लिए “मांग” कर रहा है। इस बयान के साथ उन्होंने मार्क कार्नी के नेतृत्व वाली सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि पाइपलाइन परियोजनाओं में आ रही रुकावटों के लिए संघीय सरकार जिम्मेदार है। शीर के मुताबिक इन अड़चनों के कारण कनाडा अपने ऊर्जा संसाधनों को एशियाई बाजारों तक नहीं पहुंचा पा रहा है, जिससे देश को भारी आर्थिक नुकसान हो रहा है।शीर ने अपने दावे के समर्थन में कनाडाई अखबार की एक रिपोर्ट का हवाला दिया। इस रिपोर्ट में कहा गया था कि भारत, कनाडा से तेल और एलपीजी आयात बढ़ाने में रुचि दिखा रहा है। रिपोर्ट में कनाडा के ऊर्जा मंत्री टिम हॉजसन के बयान का भी जिक्र था।ऊर्जा मंत्री टिम हॉजसन ने हाल ही में गोवा में आयोजित इंडिया एनर्जी वीक में हिस्सा लिया था। भारत दौरे के बाद उन्होंने कनाडाई मीडिया से बातचीत में कहा था कि भारत के साथ ऊर्जा आपूर्ति में बढ़ोतरी दोनों देशों के बीच प्रस्तावित आर्थिक साझेदारी समझौते में अहम भूमिका निभा सकती है। उन्होंने उम्मीद जताई थी कि वर्ष 2030 तक भारत-कनाडा के बीच वार्षिक व्यापार 70 अरब डॉलर तक पहुंच सकता है।हालांकि, ऊर्जा मंत्री की भारत यात्रा के बाद आए बयानों के विश्लेषण से यह स्पष्ट होता है कि भारत ने कनाडा से ऊर्जा खरीदने में रुचि जरूर दिखाई है, लेकिन किसी तरह की “गुहार” जैसी स्थिति नहीं है। विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिका के साथ व्यापारिक तनाव के बाद कनाडा की घरेलू ऊर्जा इंडस्ट्री दबाव में है, जिसके चलते ओटावा नए बाजारों की तलाश कर रहा है। वहीं, भारत पहले से ही अपने ऊर्जा आयात को रूस, मध्य-पूर्व और अन्य देशों के बीच संतुलित कर चुका है।एंड्रयू शीर की टिप्पणी के बाद सोशल मीडिया पर विरोध के स्वर भी तेज हो गए। विश्लेषक कुशल मेहरा ने एक्स पर लिखा कि भारत किसी से भीख नहीं मांग रहा, बल्कि वह ऊर्जा के लिए भुगतान करने वाला एक बड़ा और भरोसेमंद बाजार है। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या कनाडाई कंजरवेटिव नेता अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर बेहतर भाषा का इस्तेमाल नहीं कर सकते।जियोपॉलिटिक्स विशेषज्ञ प्रियंका ने भी शीर के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि असल में कनाडा भारत के साथ व्यापार बढ़ाने की कोशिश कर रहा है, ताकि वह अमेरिकी बाजार पर अपनी अत्यधिक निर्भरता कम कर सके। उनके मुताबिक टैरिफ की आशंकाओं और व्यापारिक अनिश्चितताओं के बीच भारत कनाडा के लिए एक महत्वपूर्ण विकल्प बनकर उभरा है।कुल मिलाकर, भारत को लेकर की गई टिप्पणी ने कनाडा की आंतरिक राजनीति के साथ-साथ दोनों देशों के व्यापारिक रिश्तों पर भी नई बहस छेड़ दी है।

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -

Most Popular

Recent Comments