ओडिशा में तीन वर्षों में 30 हजार से अधिक मैंग्रोव पौधे लगाए गए, तटीय पारिस्थितिकी और स्थानीय रोजगार को मिला बढ़ावा
जयपुर: समुद्री तटों की प्राकृतिक सुरक्षा को मजबूत बनाने की दिशा में मैंग्रोव संरक्षण की मुहिम को नई गति मिल रही है। तटीय क्षेत्रों को चक्रवात, समुद्री लहरों और कटाव से बचाने में अहम भूमिका निभाने वाले मैंग्रोव वनों के संरक्षण और विस्तार के लिए सिग्नेचर पैकेज्ड ड्रिंकिंग वॉटर ने ओडिशा में अपने तीन वर्षीय अभियान की सफलता के बाद अब इसे गोवा तक विस्तारित करने की घोषणा की है।
कंपनी के अनुसार, पिछले तीन वर्षों में ओडिशा के अस्तरंगा क्षेत्र में 62 एकड़ से अधिक क्षतिग्रस्त तटीय भूमि का पुनर्विकास किया गया। इस दौरान पाँच गांवों में 30 हजार से अधिक मैंग्रोव पौधों का रोपण किया गया, जिससे न केवल पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिला, बल्कि स्थानीय समुदायों के लिए रोजगार के नए अवसर भी सृजित हुए।
मैंग्रोव वन तटीय पारिस्थितिकी तंत्र का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। ये समुद्री तूफानों और ऊंची लहरों के प्रभाव को कम करने के साथ-साथ तटीय कटाव को रोकने और जैव विविधता के संरक्षण में भी महत्वपूर्ण योगदान देते हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि जलवायु परिवर्तन के बढ़ते प्रभावों के बीच मैंग्रोव संरक्षण तटीय क्षेत्रों की सुरक्षा के लिए अत्यंत आवश्यक है।
अभियान को जनभागीदारी से जोड़ने के लिए कंपनी ने फैशन, संगीत और डिजिटल माध्यमों का सहारा लिया। विशेष रूप से युवाओं को जागरूक करने के उद्देश्य से विश्व मैंग्रोव दिवस के अवसर पर एक इंटरैक्टिव डिजिटल गेम भी लॉन्च किया गया, जिसके माध्यम से लोग मनोरंजन के साथ मैंग्रोव के महत्व को समझ सकेंगे।
डियाजियो इंडिया की वाइस प्रेसिडेंट एवं पोर्टफोलियो हेड (मार्केटिंग) आनंदिता दत्ता ने कहा कि किसी भी पर्यावरणीय पहल की सफलता तभी सुनिश्चित होती है, जब समाज उसकी आवश्यकता और महत्व को समझे। उन्होंने कहा कि कंपनी केवल मैंग्रोव रोपण तक सीमित नहीं है, बल्कि लोगों में इनके संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाने पर भी समान रूप से ध्यान दे रही है।
ओडिशा में सकारात्मक परिणाम मिलने के बाद अब इस पहल का विस्तार गोवा में किया जाएगा। इससे देश के अन्य तटीय क्षेत्रों में भी मैंग्रोव संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा और तटीय सुरक्षा, पर्यावरण संरक्षण तथा स्थानीय आजीविका को दीर्घकालिक मजबूती मिलने की उम्मीद है।

