नई दिल्ली: भारती एयरटेल फाउंडेशन और मुख्यालय उत्तरी कमान के आर्मी गुडविल स्कूलों (एजीएस) ने अपनी साझेदारी के 10 वर्ष पूरे होने का जश्न मनाया। वर्ष 2016 में शुरू हुई यह साझेदारी जम्मू, कश्मीर और लद्दाख में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को बढ़ावा देने, स्कूल व्यवस्था को मजबूत करने, शिक्षकों को सशक्त बनाने, नवाचार को प्रोत्साहित करने और विद्यार्थियों के लिए नए अवसर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से आगे बढ़ रही है।
इस साझेदारी का उद्देश्य शिक्षा के परिणामों में सकारात्मक बदलाव लाने के साथ-साथ क्षेत्र के विद्यार्थियों को अपनी क्षमता का पूर्ण विकास करने के लिए आवश्यक अवसर और कौशल उपलब्ध कराना है।
पहलगाम में हुआ विशेष समारोह
इस अवसर पर पहलगाम स्थित आर्मी गुडविल पब्लिक स्कूल में विशेष समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में उत्तरी कमान के जनरल ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ लेफ्टिनेंट जनरल प्रतीक शर्मा, पीवीएसएम, एवीएसएम, एसएम तथा भारती एयरटेल फाउंडेशन के सह-अध्यक्ष और भारती एंटरप्राइजेज के उपाध्यक्ष श्री राकेश भारती मित्तल मौजूद रहे। भारतीय सेना और भारती एयरटेल फाउंडेशन के वरिष्ठ प्रतिनिधियों ने भी कार्यक्रम में भाग लिया।
लेफ्टिनेंट जनरल प्रतीक शर्मा ने कहा कि यह साझेदारी प्रत्येक विद्यार्थी तक गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और विकास के सार्थक अवसर पहुंचाने की साझा प्रतिबद्धता का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि पिछले एक दशक में मजबूत व्यवस्थाओं, सशक्त शिक्षकों, नवाचार आधारित शिक्षण और विद्यार्थियों के लिए बढ़े अवसरों के माध्यम से आर्मी गुडविल स्कूलों में उल्लेखनीय बदलाव आया है।
उन्होंने कहा कि दोनों संस्थाएं ऐसे युवा नागरिकों के निर्माण के लिए प्रतिबद्ध हैं, जो आत्मविश्वासी, सक्षम और भविष्य की चुनौतियों का सामना करने के लिए तैयार हों।
14 स्कूलों से सभी 43 एजीएस तक पहुंची साझेदारी
पिछले 10 वर्षों में यह साझेदारी 14 आर्मी गुडविल स्कूलों को सहयोग देने से आगे बढ़कर जम्मू, कश्मीर और लद्दाख के सभी 43 आर्मी गुडविल स्कूलों में व्यापक बदलाव तक पहुंच गई है।
इस दौरान स्कूल समर्थन, व्यवस्था सुदृढ़ीकरण तथा संस्थागत एवं छात्र परिवर्तन के तीन चरणों में काम किया गया। साझेदारी व्यक्तिगत स्तर के प्रयासों से आगे बढ़कर ऐसी टिकाऊ व्यवस्थाओं के निर्माण तक पहुंची है, जो स्कूलों को मजबूत बनाने और विद्यार्थियों के सीखने के परिणामों में सुधार लाने में मदद कर रही हैं।
प्रमुख पहलों में स्कूल प्रमुखों के लिए नेतृत्व विकास, व्यवस्थित शैक्षणिक एवं सह-शैक्षणिक ढांचा, स्कूल संचालन प्रक्रियाओं और प्रशासनिक व्यवस्थाओं को मजबूत करना शामिल है। इन पहलों से स्कूलों में गुणवत्ता और एकरूपता को बढ़ावा मिला है।
शिक्षक सशक्तीकरण पर विशेष जोर
इस परिवर्तन के केंद्र में शिक्षक रहे हैं। शिक्षण पद्धतियों, बुनियादी साक्षरता एवं संख्यात्मक दक्षता, प्रौद्योगिकी के प्रभावी उपयोग और राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) 2020 पर केंद्रित निरंतर व्यावसायिक विकास कार्यक्रम चलाए गए हैं।
अब सभी एजीएस शिक्षकों को द टीचरऐप (TheTeacherApp) के माध्यम से निरंतर सीखने और प्रशिक्षण की आजीवन निःशुल्क सुविधा उपलब्ध है।
विद्यार्थियों के लिए खुले नए अवसर
साझेदारी के तहत विद्यार्थियों को एक्सपोजर विजिट, इंटर्नशिप, करियर मार्गदर्शन, छात्रवृत्ति और अनुभवात्मक शिक्षण कार्यक्रमों के माध्यम से नए अवसर उपलब्ध कराए गए हैं।
एजीएस में स्थापित इनोवेशन क्लबों के माध्यम से विद्यार्थियों द्वारा संचालित 160 से अधिक परियोजनाएं विकसित की गई हैं। विद्यार्थियों ने इसरो युविका, इंस्पायर-मानक, यंग साइंटिस्ट इंडिया, स्कूल एंटरप्राइज चैलेंज और यंग टेक्नोलॉजी स्कॉलर्स जैसे प्रतिष्ठित कार्यक्रमों में भी अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया है।
एजीएस वुज़र को मिला वैश्विक सम्मान
इन प्रयासों का असर एजीएस के विद्यार्थियों और स्कूलों को मिल रही राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पहचान में भी दिखाई दे रहा है। इसका प्रमुख उदाहरण आर्मी गुडविल स्कूल वुज़र है, जिसे इनोवेशन कैटेगरी में दुनिया के शीर्ष 10 स्कूलों में स्थान मिला है।
भविष्य के लिए साझेदारी का नवीनीकरण
वर्ष 2026 में साझेदारी के नवीनीकरण के बाद भारती एयरटेल फाउंडेशन और आर्मी गुडविल स्कूलों ने स्कूलों को उत्कृष्टता, नवाचार और समग्र विकास के केंद्र के रूप में और अधिक सशक्त बनाने की प्रतिबद्धता दोहराई है।
भारती एयरटेल फाउंडेशन के सह-अध्यक्ष और भारती एंटरप्राइजेज के उपाध्यक्ष राकेश भारती मित्तल ने कहा कि शिक्षा में स्थायी और सार्थक बदलाव के लिए धैर्य, मजबूत साझेदारी और संस्थानों को सशक्त बनाने की दीर्घकालिक प्रतिबद्धता जरूरी है।
उन्होंने कहा कि आने वाले समय में भी साझेदारी का ध्यान इस बात पर रहेगा कि जम्मू, कश्मीर और लद्दाख के प्रत्येक विद्यार्थी को, चाहे वह किसी भी भौगोलिक क्षेत्र से आता हो, अपनी क्षमता का पूर्ण विकास करने के लिए आवश्यक अवसर, आत्मविश्वास और कौशल मिल सकें।
दोनों संस्थाओं का साझा प्रयास अगली पीढ़ी को ऐसा मजबूत शैक्षिक आधार उपलब्ध कराने का है, जिससे वे अपने लिए और समाज के लिए बेहतर भविष्य का निर्माण कर सकें।

