शिलांग: भारत के उपराष्ट्रपति श्री सी.पी. राधाकृष्णन ने मेघालय की अपनी पहली यात्रा के दौरान राज्य में 1,010.95 करोड़ रुपये की पांच प्रमुख विकास परियोजनाओं की आधारशिला रखी। शिलांग के सोसो थाम ऑडिटोरियम में आयोजित भव्य नागरिक अभिनंदन समारोह में उपराष्ट्रपति ने इन परियोजनाओं की आधारशिला रखी। इस अवसर पर मेघालय के मुख्यमंत्री श्री कॉनराड के. संगमा, राज्य सरकार के वरिष्ठ मंत्री, अधिकारी और विभिन्न समुदायों के प्रतिनिधि मौजूद रहे।
उपराष्ट्रपति की यह यात्रा मेघालय में आधुनिक शहरी बुनियादी ढांचे के विकास, ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर कनेक्टिविटी तथा स्वास्थ्य और ऊर्जा क्षेत्र को अधिक मजबूत एवं टिकाऊ बनाने की दिशा में राज्य सरकार के प्रयासों को रेखांकित करती है।
अपने संबोधन में उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन ने मेघालय सरकार की विकास पहलों की सराहना की और विश्वास जताया कि नई परियोजनाएं आने वाले वर्षों में राज्य के विकास को नई गति देंगी। उन्होंने प्रसिद्ध खासी कवि यू सोसो थाम की विरासत का भी उल्लेख किया, जिनके नाम पर कार्यक्रम स्थल का नाम रखा गया है।
उपराष्ट्रपति ने मेघालय की समृद्ध परंपराओं, विशिष्ट सामाजिक संस्थाओं और सामुदायिक व्यवस्था की सराहना करते हुए कहा कि विकास तभी सार्थक है, जब उसका लाभ समाज के सभी वर्गों तक पहुंचे।
उन्होंने कहा कि पिछले आठ वर्षों में राज्य में बुनियादी ढांचे और पर्यटन क्षेत्र में निवेश में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। उन्होंने मेघालय के होमस्टे कार्यक्रम, मुख्यमंत्री के CM-ELEVATE और ग्रीन मेघालय जैसी पहलों की भी प्रशंसा की। उन्होंने मुख्यमंत्री कॉनराड के. संगमा को राज्य की उपलब्धियों और विकासोन्मुखी दृष्टिकोण के लिए बधाई दी।
उपराष्ट्रपति ने कहा, “ये परियोजनाएं केवल बुनियादी ढांचे में निवेश नहीं हैं, बल्कि ये मेघालय के भविष्य और उसके विकास में निवेश हैं।”
उन्होंने कहा कि मेघालय का पारंपरिक ज्ञान और मजबूत सामुदायिक संस्थाएं भारत को अधिक टिकाऊ भविष्य की दिशा में आगे बढ़ने के लिए महत्वपूर्ण सीख देती हैं।
पांच प्रमुख परियोजनाएं
1. न्यू शिलांग जलापूर्ति योजना-फेज II
850.58 करोड़ रुपये की लागत वाली यह परियोजना अर्बन चैलेंज फंड (UCF) के तहत लागू की जाएगी। इसके माध्यम से न्यू शिलांग सिटी और आसपास के 32 ग्रामीण क्षेत्रों में सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराया जाएगा। परियोजना से 86,900 परिवारों के 4.34 लाख से अधिक नागरिक लाभान्वित होंगे। इसमें मेघालय में पहली बार शहर-स्तरीय स्मार्ट मीटरिंग और वॉल्यूमेट्रिक बिलिंग व्यवस्था लागू की जाएगी, जिससे जल प्रबंधन अधिक प्रभावी और पारदर्शी बनेगा।
2. उमंगोट नदी पुल परियोजना
21.86 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाला 110 मीटर लंबा यह पुल जोंगक्शा-खरंग मार्ग पर उमंगोट नदी के ऊपर बनाया जाएगा। NESIDS के तहत वित्त पोषित इस परियोजना से मावक्यनरेव ब्लॉक के 14 गांवों के 28,000 से अधिक लोगों को सीधी कनेक्टिविटी मिलेगी। साथ ही, यह ईस्ट खासी हिल्स और वेस्ट जयंतिया हिल्स के बीच एक वैकल्पिक संपर्क मार्ग भी उपलब्ध कराएगा।
3. उमसेन-बारापाथर ऑल-वेदर कॉरिडोर
56.01 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाला 13.5 किलोमीटर लंबा यह ऑल-वेदर मार्ग पिलांगकू-ए, जयरमंग, चिबरा और मावियोंग से होकर गुजरेगा। NESIDS के तहत वित्त पोषित इस परियोजना से 21 बस्तियों के 5,700 से अधिक लोगों को बेहतर आवागमन सुविधा मिलेगी। साथ ही, यह मेघालय और असम के बीच व्यापारिक गतिविधियों को भी बढ़ावा देगा।
4. 30-बेड वाला एकीकृत आयुष केंद्र
जनजातीय कार्य मंत्रालय की परियोजना के तहत 10 करोड़ रुपये की लागत से शिलांग सिविल अस्पताल में 30-बेड वाले एकीकृत AYUSH केंद्र की स्थापना की जाएगी। यहां आयुर्वेद, होम्योपैथी, प्राकृतिक चिकित्सा, योग, पंचकर्म तथा मरीजों के लिए विशेष इन-पेशेंट पुनर्वास सेवाएं उपलब्ध होंगी।
5. पावर ग्रिड विस्तार परियोजना
72.5 करोड़ रुपये की लागत वाली यह परियोजना पीएम-डेवाइन (PM DevINE) के तहत लागू की जाएगी। इसके अंतर्गत मावखानू में 2×50 MVA क्षमता का 132/33 केवी सबस्टेशन, साइसिएज से 132 केवी डबल-सर्किट लाइन तथा आधुनिक गैस-इंसुलेटेड स्विचगियर (GIS) तकनीक स्थापित की जाएगी। इससे न्यू शिलांग सिटी के विस्तार के लिए विश्वसनीय बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी।
तेजी से बदल रहा है मेघालय: मुख्यमंत्री
उपराष्ट्रपति की पहली मेघालय यात्रा का स्वागत करते हुए मुख्यमंत्री कॉनराड के. संगमा ने राज्य के गठन के बाद पिछले 54 वर्षों की विकास यात्रा का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि मेघालय की सबसे बड़ी ताकत उसकी जनता, परंपराएं, संस्कृति और विशिष्ट पहचान हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले आठ वर्षों में मेघालय और पूरे पूर्वोत्तर क्षेत्र में महत्वपूर्ण बदलाव आया है। उन्होंने राज्य की प्रगति का श्रेय सरकारी योजनाओं के साथ-साथ युवाओं, महिला स्वयं सहायता समूहों, किसानों और विभिन्न समुदायों की सक्रिय भागीदारी को दिया।
उन्होंने कहा, “आज मुझे यह बताते हुए खुशी हो रही है कि मेघालय देश की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं में से एक है।”
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य की विकास यात्रा को केवल GSDP के आधार पर नहीं देखा जा सकता। उन्होंने मातृ स्वास्थ्य और शिक्षा के क्षेत्र में हुई प्रगति का भी उल्लेख किया।
उन्होंने बताया कि पहले मेघालय में मातृ मृत्यु दर काफी अधिक थी, लेकिन अब राज्य ने MMR में प्रतिशत के लिहाज से देश में सबसे अधिक सुधार दर्ज करने वाले राज्यों में अपनी जगह बनाई है।
मुख्यमंत्री ने कहा, “हमारा लक्ष्य है कि मेघालय देश के शीर्ष 10 राज्यों में शामिल हो। हम धीरे-धीरे और लगातार आगे बढ़ रहे हैं।”
समृद्ध जनजातीय विरासत का प्रदर्शन
अपने स्वागत संबोधन में मेघालय के मुख्य सचिव डॉ. शकील पी. अहमद, IAS ने कहा कि उपराष्ट्रपति की उपस्थिति मेघालय और पूरे पूर्वोत्तर के लिए गर्व का विषय है। उन्होंने राज्य के तीन प्रमुख स्वदेशी समुदायों—खासी, जयंतिया और गारो—की विशिष्ट परंपराओं और सामाजिक संस्थाओं का उल्लेख किया।
कार्यक्रम का समापन मेघालय की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को दर्शाने वाली प्रस्तुति के साथ हुआ। इसमें खासी, गारो और जयंतिया समुदायों की पारंपरिक संस्कृति की झलक देखने को मिली। इसके अलावा KHMIH क्रिएटिव सोसाइटी के कलाकारों ने सामूहिक गायन की प्रस्तुति भी दी।
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