नई दिल्ली। भारतीय रेलवे देशभर में यात्रियों को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण बोतलबंद पेयजल उपलब्ध कराने के लिए 19 रेल नीर (Rail Neer) संयंत्रों का संचालन कर रहा है। इन संयंत्रों से तैयार होने वाला ‘रेल नीर’ देश के प्रमुख रेलवे स्टेशनों और महत्वपूर्ण ट्रेनों में उपलब्ध कराया जाता है। प्रत्येक संयंत्र की उत्पादन क्षमता प्रतिदिन 1 लाख बोतल है।
यह जानकारी केंद्रीय रेल, सूचना एवं प्रसारण तथा इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बुधवार को लोकसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में दी।
आईआरसीटीसी को सौंपी गई है जिम्मेदारी
सरकार के अनुसार, भारतीय रेलवे खानपान एवं पर्यटन निगम (आईआरसीटीसी) को रेलवे नेटवर्क पर बढ़ती मांग के अनुरूप चिन्हित स्थानों पर नए रेल नीर संयंत्र स्थापित करने और उनकी आपूर्ति सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी दी गई है।
एक संयंत्र की स्थापना पर लगभग 10 करोड़ रुपये का खर्च
सरकार ने बताया कि पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल के तहत एक रेल नीर संयंत्र स्थापित करने की अनुमानित लागत लगभग 10 करोड़ रुपये है। इसमें प्री-इंजीनियर्ड बिल्डिंग (PEB) शेड का निर्माण, प्लांट एवं मशीनरी की स्थापना शामिल है। हालांकि, इस लागत में भूमि का मूल्य शामिल नहीं है।
इन राज्यों में संचालित हैं 19 रेल नीर संयंत्र
वर्तमान में देश के विभिन्न राज्यों में रेल नीर के 19 संयंत्र संचालित हैं, जिनमें प्रमुख रूप से:
- दिल्ली – नांगलोई
- बिहार – दानापुर
- उत्तर प्रदेश – अमेठी, हापुड़
- महाराष्ट्र – अंबरनाथ, नागपुर, भुसावल
- मध्य प्रदेश – मनेरी, मंडीदीप
- तमिलनाडु – पलुर
- हिमाचल प्रदेश – ऊना
- असम – जागीरोड
- पश्चिम बंगाल – संकराइल
- राजस्थान – कोटा
- गुजरात – साणंद
- ओडिशा – भुवनेश्वर
- छत्तीसगढ़ – बिलासपुर
- आंध्र प्रदेश – सिम्हाद्री और विजयवाड़ा
यात्रियों को मिल रही बेहतर सुविधा
रेल मंत्रालय के अनुसार, इन संयंत्रों के माध्यम से रेलवे यात्रियों को सुरक्षित, स्वच्छ और गुणवत्ता मानकों के अनुरूप बोतलबंद पेयजल उपलब्ध कराया जा रहा है। बढ़ती मांग को देखते हुए भविष्य में आवश्यकता के अनुसार नए रेल नीर संयंत्र स्थापित करने की दिशा में भी कार्य किया जाएगा।

