राष्ट्रीय ई-विधान एप्लीकेशन से डिजिटल हो रही विधानसभाएं, नागरिकों को विधेयक, प्रश्न और कार्यवाही तक आसान पहुंच
नई दिल्ली। देश की विधानसभाओं के डिजिटलीकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करते हुए अब तक 22 विधानसभाओं में राष्ट्रीय ई-विधान एप्लीकेशन (नेवा) सेवा केंद्र (ई-सुविधा केंद्र) स्थापित किए जा चुके हैं। इन केंद्रों का उद्देश्य विधायी कार्यों को पूरी तरह डिजिटल बनाना और जनप्रतिनिधियों के साथ-साथ आम नागरिकों को आधुनिक तकनीक के माध्यम से बेहतर सेवाएं उपलब्ध कराना है।
केंद्रीय विधि एवं न्याय राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) तथा संसदीय कार्य राज्य मंत्री श्री अर्जुन राम मेघवाल ने बुधवार को लोकसभा में एक लिखित उत्तर में यह जानकारी दी।
जनप्रतिनिधियों को दिया जा रहा विशेष प्रशिक्षण
सरकार ने बताया कि नेवा परियोजना के तहत क्षमता निर्माण पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इसके अंतर्गत विधानसभाओं के सदस्यों और अन्य हितधारकों को नेवा की कार्यप्रणाली से परिचित कराने के लिए व्यापक प्रशिक्षण कार्यशालाओं और व्यावहारिक मार्गदर्शन का आयोजन किया जा रहा है।
इसी क्रम में 4 जुलाई 2026 को संसदीय कार्य मंत्रालय ने कोलकाता में पश्चिम बंगाल विधानसभा के नवनिर्वाचित सदस्यों के लिए नेवा प्रणाली पर एक विशेष प्रशिक्षण सत्र आयोजित किया, जिसमें उन्हें डिजिटल विधायी प्रक्रियाओं से अवगत कराया गया।
23 भाषाओं में उपलब्ध है नेवा पब्लिक पोर्टल
सरकार के अनुसार, 23 भारतीय भाषाओं में उपलब्ध नेवा पब्लिक पोर्टल नागरिकों को विधानसभाओं की कार्यवाही से जुड़ी जानकारी ऑनलाइन उपलब्ध करा रहा है। इस पोर्टल के माध्यम से लोग विधेयक, प्रश्न, सदन की कार्यवाही और अन्य विधायी दस्तावेज आसानी से देख सकते हैं।
बहुभाषी सुविधा से बढ़ी लोगों की पहुंच
नेवा पोर्टल की बहुभाषी सुविधा के कारण देशभर के नागरिक अपनी भाषा में विधायी गतिविधियों की जानकारी प्राप्त कर पा रहे हैं। सरकार का कहना है कि इससे विधानसभाओं की कार्यवाही अधिक पारदर्शी, सुलभ और नागरिक-केंद्रित बनी है तथा विधायी प्रक्रियाओं में लोगों की भागीदारी भी बढ़ रही है।
राष्ट्रीय ई-विधान एप्लीकेशन (नेवा) को देशभर की विधानसभाओं में डिजिटल कार्यप्रणाली को बढ़ावा देने और ‘पेपरलेस विधानसभा’ की अवधारणा को साकार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।

