नई दिल्ली। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) आधारित स्टार्टअप्स को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए यूपीईएस के स्टार्टअप इन्क्यूबेटर यूपीईएस रनवे ने ‘द पिच 3.0’ के नई दिल्ली चरण का सफल आयोजन किया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य उत्तर, मध्य और दक्षिण भारत के एआई-नेटिव तथा एआई-ड्रिवन स्टार्टअप्स की पहचान कर उन्हें वित्तीय सहायता, मेंटरशिप और निवेशकों तक पहुंच उपलब्ध कराना है।
नई दिल्ली चरण में 20 से अधिक स्टार्टअप्स ने आवेदन किया, जिनमें से विभिन्न क्षेत्रों का प्रतिनिधित्व करने वाले सात स्टार्टअप्स को फाइनल प्रस्तुति के लिए चुना गया। इन स्टार्टअप्स ने निवेशकों, उद्योग विशेषज्ञों और यूपीईएस के वरिष्ठ अधिकारियों के समक्ष अपने नवाचार प्रस्तुत किए।
एआई आधारित समाधान पर विशेष जोर
‘द पिच 3.0’ पूरी तरह एआई-केंद्रित पहल है, जो वास्तविक समस्याओं के समाधान के लिए अत्याधुनिक तकनीक विकसित करने वाले उद्यमियों को प्रोत्साहित करती है। इस दौरान एआई इमेज रिकग्निशन, फिनटेक, एडटेक, आपदा प्रबंधन, फ्लीट टेक्नोलॉजी, क्वांटम कंप्यूटिंग और डीप टेक जैसे क्षेत्रों से जुड़े स्टार्टअप्स ने अपने समाधान प्रस्तुत किए।
नई दिल्ली चरण इस पहल का पहला पड़ाव था। अगला चरण सितंबर 2026 में बेंगलुरु में आयोजित किया जाएगा, जहां दक्षिण और पश्चिम भारत के स्टार्टअप्स को अपनी तकनीक प्रस्तुत करने का अवसर मिलेगा।
10 स्टार्टअप्स को मिलेगा फंडिंग समर्थन
यूपीईएस रनवे ने इस वर्ष 10 नवाचारी स्टार्टअप्स को सहयोग देने का लक्ष्य रखा है। प्रत्येक चयनित स्टार्टअप को 25 लाख रुपये तक की फंडिंग सहायता प्रदान की जाएगी। वहीं, जिन स्टार्टअप्स में तकनीकी क्षमता, बाजार की आवश्यकता और विस्तार की संभावना अधिक होगी, उन्हें निवेश समिति की मंजूरी के बाद 50 लाख रुपये तक का निवेश भी मिल सकता है।
तीन स्टार्टअप्स का हुआ चयन
विस्तृत मूल्यांकन और विचार-विमर्श के बाद निवेश समिति ने तीन स्टार्टअप्स को फंडिंग सहायता के लिए चुना—
- अर्थिक एआई – वेल्थटेक समाधान
- स्टोरलिंक – रिटेल एनालिटिक्स
- मेमइंटेल – अकाउंटिंग एवं फाइनेंस के लिए ‘डिजिटल सीएफओ’ समाधान
इन स्टार्टअप्स का चयन उनके नवाचार, बाजार क्षमता और विस्तार की संभावनाओं को ध्यान में रखते हुए किया गया। प्रत्येक को अपने उत्पाद विकास, बाजार विस्तार और व्यवसाय वृद्धि के लिए 25 लाख रुपये तक की सहायता दी जाएगी।
विशेषज्ञों ने किया मूल्यांकन
कार्यक्रम में गठित निवेश समिति में यूपीईएस के मुख्य वित्तीय अधिकारी नवनीत मेहता, जीयूएस ग्लोबल सर्विसेज इंडिया के मुख्य व्यवसाय अधिकारी भरत खरबंदा, यूपीईएस के आईटी प्रमुख सोमेश सिंह, रनवे इन्क्यूबेटर के सीईओ एवं स्कूल ऑफ बिजनेस के डीन राहुल नैनवाल सहित उद्योग जगत के कई निवेशक शामिल रहे।
स्टार्टअप्स का मूल्यांकन एआई तकनीक की गुणवत्ता, उत्पाद की तैयारी, व्यवसाय मॉडल, विस्तार क्षमता, बाजार की उपयोगिता और संस्थापकों की उद्यमशीलता क्षमता जैसे मानकों पर किया गया।
एआई नवाचार को मिलेगा नया मंच
रनवे इन्क्यूबेटर के सीईओ राहुल नैनवाल ने कहा कि ‘द पिच 3.0’ ऐसे उद्यमियों को आगे बढ़ाने का मंच है, जो एआई आधारित समाधान के माध्यम से वास्तविक समस्याओं का समाधान कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि फंडिंग, मेंटरशिप और निवेशकों से जुड़ाव के माध्यम से तकनीकी नवाचार को सफल व्यवसाय में बदलने की दिशा में यह पहल महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
50 से अधिक स्टार्टअप्स को मिल चुका है सहयोग
वर्ष 2021 में शुरू हुआ यूपीईएस रनवे अब तक 50 से अधिक स्टार्टअप्स को इन्क्यूबेट कर चुका है। यह पहल डीएसटी-टीआईबीआई, MeitY, शेल ई4, मैक्सेल एक्सेलेरेटर, पर्ल एकेडमी और ग्लोबल यूनिवर्सिटी सिस्टम्स जैसे संस्थानों के सहयोग से संचालित की जा रही है।
यूपीईएस का मानना है कि ‘द पिच 3.0’ के माध्यम से एआई आधारित नवाचारों को उच्च शिक्षा, उद्योग और निवेश से जोड़कर भारत को वैश्विक स्तर पर इनोवेशन और स्टार्टअप हब बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण योगदान दिया जा सकता है।

