पटना। भरत भूषण तिवारी एनकाउंटर मामले को लेकर बुधवार को भोजपुर जिले के बिलौटी गांव में महापंचायत का आयोजन किया गया। कार्यक्रम को लेकर गांव से लेकर राष्ट्रीय राजमार्ग तक भरत तिवारी के पोस्टर और बैनर लगाए गए हैं, जिनमें उन्हें ‘शहीद’ बताते हुए न्याय की मांग की गई है।
महापंचायत में शामिल होने के लिए सुबह से ही बड़ी संख्या में लोगों का गांव पहुंचना शुरू हो गया। आयोजकों का दावा है कि कार्यक्रम में एक लाख से अधिक लोगों की भागीदारी हो सकती है। दोपहर तक करीब एक हजार से अधिक वाहन गांव और आसपास के क्षेत्रों में पहुंच चुके थे।
तिरंगा लेकर पहुंचे समर्थक, लगे न्याय के नारे
महापंचायत से पहले बड़ी संख्या में समर्थक तिरंगा लेकर भरत तिवारी के आवास पहुंचे। इस दौरान “भरत तिवारी अमर रहें” और न्याय की मांग से जुड़े नारे लगाए गए। कुछ स्थानों पर सरकार और प्रशासन के खिलाफ भी विरोध प्रदर्शन देखने को मिला। गांव का माहौल पूरी तरह आंदोलनमय नजर आया और विभिन्न जिलों से पहुंचे लोगों ने मामले की निष्पक्ष जांच की मांग उठाई।
बिहार और उत्तर प्रदेश से पहुंच रहे लोग
महापंचायत में बिहार के विभिन्न जिलों के अलावा उत्तर प्रदेश से भी कई सामाजिक और ब्राह्मण संगठनों के प्रतिनिधियों के शामिल होने की चर्चा है। जन सुराज अभियान के सूत्रधार प्रशांत किशोर के भी कार्यक्रम में शामिल होने की संभावना जताई गई है।
एनकाउंटर के बाद बढ़ा विवाद
गौरतलब है कि 17 जून को भोजपुर में पुलिस कार्रवाई के दौरान भरत तिवारी की मौत हो गई थी। घटना के बाद परिजनों ने पुलिस कार्रवाई पर गंभीर सवाल उठाए और एनकाउंटर को लेकर निष्पक्ष जांच की मांग की। भरत तिवारी की मां की शिकायत पर संबंधित पुलिस अधिकारियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है।
मामले में जगदीशपुर के एसडीपीओ, शाहपुर थानाध्यक्ष सहित अन्य पुलिसकर्मियों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया जा चुका है।
सरकार ने दिए जांच के आदेश
मामले की गंभीरता को देखते हुए राज्य सरकार ने जगदीशपुर एसडीपीओ राजेश कुमार शर्मा को लाइन हाजिर कर दिया है। वहीं मुख्यमंत्री ने पूरे प्रकरण की न्यायिक जांच कराने के निर्देश दिए हैं। हालांकि जांच की जिम्मेदारी किस न्यायिक अधिकारी को सौंपी जाएगी, इस संबंध में अभी आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है।
गांव में लगा ‘शहीद भरत नगर’ का बोर्ड
महापंचायत से पहले समर्थकों ने बिलौटी टाड़ क्षेत्र में लगे गांव के बोर्ड पर नया नाम लिख दिया। बोर्ड पर “शहीद भरत नगर” अंकित किया गया है। समर्थकों का कहना है कि भरत तिवारी ने क्षेत्र और बाढ़ प्रभावित लोगों के लिए संघर्ष किया था, इसलिए उनके सम्मान में गांव का नाम उनके नाम पर रखने की मांग की जा रही है।
फिलहाल महापंचायत को लेकर प्रशासन भी पूरी तरह सतर्क है और क्षेत्र में सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं।

