नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने तीन मई को आयोजित हुई परीक्षा को रद्द कर दिया है, परीक्षा दुबारा आयोजित होगी जिसकी घोषणा की जाएगी नीट पेपर लीक मामले में फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया मेडिकल एसोसिएशन (FAIMA) ने उच्चतम न्यायालय में अर्जी दी गई है। फाइमा ने नेशनल टेस्टिंग एजेंसी के पुर्नगठन की मांग की है। फाइमा ने कहा कि एनटीए पर अब विश्वास नहीं, परीक्षा न्यायिक देख रेख में हो। जिसकी नई तारीख जल्द घोषित की जाएगी।
पेपर लीक होने से छात्रों और अभिभावकों में आक्रोश देखने को मिल रहा है। परीक्षा रद्द होने से छात्र संगठन ने भी विरोध प्रदर्शन किया। छात्र संगठन एबीवीपी ने नेशनल टैस्टिंग एजेंसी के कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया ,अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के छात्रों की मांग है कि एनटीए इस मामले की जिम्मेदारी ले और दोषियों को कड़ी सजा दी जाए। स्थिति के नियंत्रण के लिये भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। हम आपको बता दें कि फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया मेडिकल एसोसिएशन (एफएआईएमए) भारत में रेजिडेंट डॉक्टरों और चिकित्सा पेशेवरों का एक प्रमुख संगठन है और जो वर्तमान में NEET-UG 2026, स्वास्थ्यकर्मियों की सुरक्षा और मानसिक स्वास्थ्य संबंधी पहलों के लिए वकालत में सक्रिय रूप से शामिल है। नीट पेपर लीक मामले में फाइमा ने अब छात्रों के लिये मेंटल हैल्थ हैल्पलाइन बनाया है। FAIMA ने डॉक्टरों और मेडिकल छात्रों को 20 घंटे की मुफ्त और गोपनीय सहायता प्रदान करने वाली एक टोल-फ्री मानसिक स्वास्थ्य निवारण हेल्पलाइन (MHRH) शुरू की है।
नीट पेपर लीक मामले में सीबीआई जांच की मांग लागातार बनी हुई थी। सीबीआई ने महाराष्ट्र के अहिल्यानगर से धनंजय लोखंडे को गिरफ़्तार किया वहीं दिल्ली में सीबीआई की चार सदस्यीय टीम एनटीए के कार्यालय जांच के लिये पहुंची।
इस मामले में जहां एक ओर नेशनल टेस्टिंग एजेंसी सवालों के घेरे में हैं वहीं इस तरह के मामलों से सरकार की भी किरकिरी हुई है अलग – अलग राज्यों से इसके तार जुड़े है अभी जांच में कितना समय लगेगा और किस स्तर पर ये घोटाले होते है और कौन – कौन इसमें शामिल है सच सामने आना अभी बाकी है। सुरक्षा मानकों का यदि ठीक से पालन न हो तो ऐसी घटनाओं की पुनरावृृृत्ति से नकारा नहीं जा सकता है। जो भी हो परीक्षा देने वाले छात्र और उनके माता-पिता के लिये ये उनके भविष्य से खिलवाड़ और चिंता का विषय है।

