प्रधानमंत्री Narendra Modi ने तमिलनाडु के तिरुचिरापल्ली में एक जनसभा को संबोधित करते हुए राज्य की राजनीति और विकास से जुड़े कई मुद्दों पर बात की। आगामी विधानसभा चुनावों के मद्देनज़र उन्होंने कहा कि राज्य में बदलाव की इच्छा तेजी से बढ़ रही है और लोग नई सरकार चाहते हैं।प्रधानमंत्री ने अपने भाषण की शुरुआत तिरुचिरापल्ली की ऐतिहासिक विरासत का जिक्र करते हुए की। उन्होंने मरुधु भाइयों की बहादुरी को याद किया और Kargil War के दौरान शहीद हुए मेजर सरवनन को श्रद्धांजलि दी।
उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार हमेशा तमिलनाडु की संस्कृति और परंपरा के सम्मान के लिए प्रतिबद्ध रही है। उन्होंने यह भी कहा कि देश के उपराष्ट्रपति C. P. Radhakrishnan तमिलनाडु से आते हैं, जो राज्य के लिए गर्व की बात है।सभा में प्रधानमंत्री ने कहा कि वह तमिलनाडु के लोगों और संस्कृति से जुड़ने में विशेष रुचि रखते हैं। उन्होंने Kashi Tamil Sangamam जैसे आयोजनों का जिक्र करते हुए कहा कि ऐसे कार्यक्रम उत्तर और दक्षिण भारत के बीच सांस्कृतिक संबंधों को मजबूत करते हैं।
राजनीतिक मुद्दों पर बोलते हुए उन्होंने राज्य की सत्तारूढ़ पार्टी Dravida Munnetra Kazhagam (DMK) पर निशाना साधा और कहा कि राज्य की राजनीति एक परिवार के इर्द-गिर्द सिमट गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य सरकार ने जनता के जनादेश के साथ न्याय नहीं किया और कई योजनाओं के क्रियान्वयन में देरी की।प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि केंद्र सरकार तमिलनाडु के विकास को प्राथमिकता देती है।
उनके अनुसार 2014 के बाद से केंद्र ने राज्य को बुनियादी ढांचे के विकास के लिए बड़ी राशि दी है और राष्ट्रीय राजमार्गों पर भी बड़े पैमाने पर निवेश किया गया है।उन्होंने बताया कि तिरुचिरापल्ली एयरपोर्ट के नए टर्मिनल का निर्माण किया गया है और मदुरै एयरपोर्ट को अंतरराष्ट्रीय दर्जा दिया गया है, जिससे पर्यटन और व्यापार को बढ़ावा मिलेगा।भविष्य की योजनाओं का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि राज्य को दुर्लभ पृथ्वी गलियारे का हिस्सा बनाया गया है और बेंगलुरु-चेन्नई तथा चेन्नई-हैदराबाद बुलेट ट्रेन कॉरिडोर जैसे प्रस्ताव भी रखे गए हैं।
उनका कहना था कि ऐसी परियोजनाएं कनेक्टिविटी और औद्योगिक विकास को आगे बढ़ाने में मदद करेंगी।इस दौरान उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन यानी National Democratic Alliance तमिलनाडु में विकास और बदलाव के लिए काम करने को तैयार है। वहीं राज्य के मुख्यमंत्री M. K. Stalin और उनकी पार्टी पर उन्होंने शासन के तरीके को लेकर सवाल उठाए।

