पश्चिम बंगाल में राष्ट्रपति के कार्यक्रम को लेकर उठे प्रोटोकॉल विवाद पर मुख्यमंत्री Mamata Banerjee ने प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि राज्य में राष्ट्रपति के कार्यक्रम के दौरान किसी भी तरह के प्रोटोकॉल का उल्लंघन नहीं हुआ और इसे बेवजह राजनीतिक मुद्दा बनाया जा रहा है।
ममता बनर्जी ने स्पष्ट किया कि कार्यक्रम में जो भी अव्यवस्था हुई, उसकी जिम्मेदारी राज्य सरकार की नहीं बल्कि निजी आयोजकों और Airports Authority of India की है। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार राष्ट्रपति के पद और देश के संविधान का पूरा सम्मान करती है। ममता के मुताबिक राष्ट्रपति का पद देश के लिए अत्यंत सम्मानित है और इसे वह “मां” के समान मानती हैं, इसलिए सरकार पर आरोप लगाना सही नहीं है।
दरअसल राष्ट्रपति Droupadi Murmu पश्चिम बंगाल में आयोजित 9वें इंटरनेशनल संथाली कॉन्क्लेव में भाग लेने के लिए पहुंची थीं। कार्यक्रम स्थल में बदलाव और राज्य सरकार के किसी मंत्री की मौजूदगी न होने को लेकर विवाद खड़ा हो गया, जिसके बाद यह मुद्दा राजनीतिक बहस का विषय बन गया।इस मामले पर प्रधानमंत्री Narendra Modi ने भी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि राज्य की जनता एक आदिवासी महिला और देश की राष्ट्रपति का अपमान कभी स्वीकार नहीं करेगी।
उन्होंने अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के मौके पर इस घटना को चिंताजनक बताया।प्रधानमंत्री और कई केंद्रीय मंत्रियों सहित भाजपा नेताओं ने इस मुद्दे पर तृणमूल कांग्रेस सरकार की आलोचना की। वहीं मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने इन आरोपों को खारिज करते हुए भाजपा पर राजनीति करने का आरोप लगाया।

