पश्चिम बंगाल में होने वाले आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर भारतीय जनता पार्टी ने अपनी रणनीति पर काम तेज कर दिया है। पार्टी का जोर बूथ स्तर तक संगठन को मजबूत करने, फर्जी मतदान रोकने और मतदाताओं के बीच से चुनावी हिंसा के डर को खत्म करने पर है।
पार्टी से जुड़े सूत्रों के अनुसार बीजेपी का मानना है कि राज्य में चुनाव के दौरान कई बार हिंसा और डर का माहौल बन जाता है, जिससे कुछ मतदाता मतदान करने से कतराते हैं। इसलिए पार्टी चाहती है कि चुनाव के दौरान सुरक्षा व्यवस्था कड़ी हो, ताकि लोग बिना किसी भय के अपने मताधिकार का उपयोग कर सकें।फर्जी वोटिंग को रोकने के लिए पार्टी ने Election Commission of India को कुछ सुझाव भी दिए हैं। इनमें मतदान केंद्रों पर फेस स्कैनिंग की व्यवस्था करने या कम से कम हर मतदाता की फोटो लेने का सुझाव शामिल है।
पार्टी का कहना है कि इससे फर्जी मतदान पर नियंत्रण लगाने में मदद मिल सकती है और चुनाव प्रक्रिया ज्यादा पारदर्शी बन सकती है।सूत्रों के मुताबिक बीजेपी ने चुनाव आयोग से यह भी कहा है कि राज्य में कम से कम चरणों में मतदान कराया जाए, ताकि उपद्रवियों पर नियंत्रण रखा जा सके और चुनावी हिंसा की घटनाओं को कम किया जा सके।पिछले विधानसभा चुनाव राज्य में आठ चरणों में हुए थे और उस दौरान तथा बाद में हिंसा की कई घटनाएं सामने आई थीं।
बीजेपी नेताओं का मानना है कि हाल के चुनावों में भले ही सीटों के मामले में पार्टी का प्रदर्शन उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा, लेकिन वोट प्रतिशत में ज्यादा गिरावट नहीं आई। पार्टी का वोट शेयर लगभग 38–39 प्रतिशत के आसपास रहा है।बताया जा रहा है कि पिछले लोकसभा चुनाव में करीब 200 विधानसभा क्षेत्रों में पार्टी को लगभग 35 प्रतिशत वोट मिले थे, इसलिए बीजेपी को उम्मीद है कि उसे राज्य में पर्याप्त जनसमर्थन प्राप्त है।सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए केंद्र सरकार ने चुनाव आयोग के निर्देश पर राज्य में केंद्रीय सुरक्षा बलों की तैनाती शुरू कर दी है।
1 मार्च से करीब 480 बटालियन केंद्रीय बलों को भेजा गया है, जो 10 मार्च तक अपने-अपने क्षेत्रों में तैनात हो जाएंगी। जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त बल भी भेजे जा सकते हैं।सूत्रों के अनुसार चुनाव आयोग के अधिकारी जल्द ही राज्य का दौरा कर सकते हैं। इस दौरान चुनाव की तैयारियों और सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की जाएगी, ताकि मतदान प्रक्रिया निष्पक्ष और शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न कराई जा सके।

