ग्रेटर नोएडा स्थित गलगोटिया यूनिवर्सिटी हाल ही में एक कार्यक्रम के बाद चर्चा में आई, जिसके चलते लोग इसके इतिहास और स्थापना के बारे में जानना चाहते हैं।
गलगोटिया यूनिवर्सिटी की शुरुआत?
गलगोटिया यूनिवर्सिटी की स्थापना वर्ष 2011 में हुई थी। इसके संस्थापक सुनील गलगोटिया हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत प्रकाशन व्यवसाय से की थी। उनके परिवार की नई दिल्ली के कनॉट प्लेस में किताबों की दुकान थी। वर्ष 1980 में उन्होंने ‘गलगोटिया पब्लिकेशंस’ नाम से अपना प्रकाशन शुरू किया। शुरुआती दौर में उन्होंने लगभग 9,000 रुपये का कर्ज लेकर काम शुरू किया था। बाद में विदेश में पढ़ाई से जुड़ी परीक्षाओं की लोकप्रिय किताबों के प्रकाशन का अधिकार मिलने से उनका व्यवसाय तेजी से बढ़ा।
शिक्षा क्षेत्र में कदम रखते हुए उन्होंने साल 2000 में 40 छात्रों के साथ गलगोटिया इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट एंड टेक्नोलॉजी की शुरुआत की। इसी वर्ष गलगोटिया कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी भी स्थापित हुआ। इन संस्थानों के विस्तार के बाद 2011 में गलगोटिया यूनिवर्सिटी की स्थापना की गई। आज इसका कैंपस ग्रेटर नोएडा में लगभग 52 एकड़ क्षेत्र में फैला हुआ है।
हाल के विवाद
एआई समिट में रोबोट डॉग मामला (2026)नई दिल्ली में आयोजित ‘इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026’ के दौरान यूनिवर्सिटी ने एक रोबोटिक डॉग प्रदर्शित किया। सोशल मीडिया पर आरोप लगाए गए कि यह उपकरण चीन की कंपनी का बना हुआ था, जबकि इसे छात्रों द्वारा विकसित बताया गया। विवाद बढ़ने पर यूनिवर्सिटी ने स्पष्ट किया कि तकनीकी जानकारी की गलत व्याख्या के कारण भ्रम पैदा हुआ। बाद में संस्थान ने कार्यक्रम स्थल से अपना स्टॉल हटा लिया और खेद जताया।
2024 का राजनीतिक विवादलोकसभा चुनाव 2024 के दौरान कुछ छात्र नई दिल्ली में एक राजनीतिक दल के मुख्यालय के बाहर प्रदर्शन करते दिखे। रिपोर्ट्स में दावा किया गया कि प्रदर्शन कर रहे कुछ छात्र खुद को गलगोटिया यूनिवर्सिटी से जुड़ा बता रहे थे। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में प्रदर्शन को लेकर छात्रों की जानकारी पर सवाल उठे। इस घटना को लेकर भी यूनिवर्सिटी का नाम चर्चा में आया।
कोविड-19 के दौरान फीस विवाद (2020)
कोरोना महामारी के समय कई छात्रों ने आरोप लगाया कि आर्थिक कठिनाइयों के बावजूद फीस जमा करने को लेकर सख्ती बरती जा रही है। इस मुद्दे पर छात्रों की ओर से विरोध और शिकायतें भी सामने आईं।
कैंपस में मारपीट की घटना (2024)
साल 2024 में कैंपस के भीतर दो छात्र समूहों के बीच विवाद का वीडियो वायरल हुआ। बताया गया कि मामूली बहस के बाद मामला हाथापाई तक पहुंच गया। इस घटना ने भी सोशल मीडिया पर ध्यान खींचा।गलगोटिया यूनिवर्सिटी की शुरुआत एक प्रकाशन व्यवसाय से शिक्षा क्षेत्र में कदम रखने की यात्रा का परिणाम है। समय के साथ यह एक बड़े निजी विश्वविद्यालय के रूप में विकसित हुई है। हालांकि, विभिन्न मौकों पर सामने आए विवादों ने इसे चर्चा में बनाए रखा है।

