भारत और फ्रांस के संबंध आने वाले समय में और अधिक मजबूत होते दिखाई दे रहे हैं। फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने हाल ही में सोशल मीडिया पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ अपनी तस्वीर साझा की और उसके साथ ‘जय हो’ लिखकर दोनों देशों की दोस्ती का संदेश दिया।
कैसे होंगे रिश्ते?
मुंबई में आयोजित इंडिया-फ्रांस इनोवेशन फोरम को संबोधित करते हुए मैक्रों ने भारत और फ्रांस के बीच रणनीतिक साझेदारी को और गहरा करने की प्रतिबद्धता जताई। उन्होंने कहा कि आज वैश्विक स्तर पर सवाल यह नहीं है कि भारत नवाचार कर सकता है या नहीं, बल्कि यह है कि कौन भारत के साथ मिलकर नवाचार करना चाहता है। उनके अनुसार, फ्रांस इस दिशा में भारत का भरोसेमंद और समर्पित सहयोगी है।मैक्रों ने यह भी बताया कि प्रधानमंत्री मोदी के सुझाव पर पेरिस में G7 शिखर सम्मेलन से एक दिन पहले ‘इनोवेशन डे’ आयोजित किया जाएगा। यह कार्यक्रम फ्रेंको-इंडियन पहल के तहत होगा, जिसमें दोनों देशों के छात्र और शोधकर्ता भाग लेंगे।
साथ ही, भारत-फ्रांस ईयर ऑफ इनोवेशन की शुरुआत करते हुए विभिन्न तकनीकी और अनुसंधान क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर सहमति बनी है।फ्रांसीसी राष्ट्रपति ने कहा कि दोनों देशों की साझेदारी केवल बड़ी तकनीकी उपलब्धियों तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका उद्देश्य आम लोगों के जीवन को अधिक सुरक्षित, स्वस्थ और बेहतर बनाना भी है। उन्होंने वैश्विक कंपनियों में भारतीय मूल के नेतृत्व की भूमिका की सराहना करते हुए कहा कि भारत न केवल वैश्विक नवाचार का हिस्सा है, बल्कि कई क्षेत्रों में नेतृत्व भी कर रहा है।विशेषज्ञों का मानना है कि रक्षा, तकनीक, शिक्षा और स्टार्टअप जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ने से भारत-फ्रांस संबंध आने वाले वर्षों में और अधिक गहरे हो सकते हैं।

