बांग्लादेश में हाल ही में हुए आम चुनाव के बाद देश को नया प्रधानमंत्री मिलने जा रहा है। चुनाव में भारी बहुमत हासिल करने वाले तारिक रहमान अब देश की बागडोर संभालेंगे। उनकी पार्टी, बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी), ने 297 में से 209 सीटें जीतकर स्पष्ट दो-तिहाई बहुमत प्राप्त किया है। करीब दो दशक बाद बीएनपी की सत्ता में वापसी हो रही है।
शपथ ग्रहण में बदलाव
इस बार शपथ ग्रहण समारोह पारंपरिक स्थान से अलग आयोजित किया जाएगा। पहले प्रधानमंत्री और मंत्रियों को राष्ट्रपति भवन ‘बंगभवन’ के दरबार हॉल में शपथ दिलाई जाती थी, लेकिन अब संसद परिसर के साउथ प्लाजा में यह कार्यक्रम होगा। राष्ट्रपति मोहम्मद शहाबुद्दीन नए प्रधानमंत्री और मंत्रिपरिषद को शपथ दिलाएंगे।
अन्य दलों का प्रदर्शन
चुनाव में जमात-ए-इस्लामी ने 68 सीटें जीतकर दूसरा स्थान हासिल किया है, जो अब तक का उसका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन माना जा रहा है। वहीं अवामी लीग इस चुनाव में हिस्सा नहीं ले सकी।शपथ ग्रहण समारोह के लिए भारत को भी आमंत्रित किया गया था। भारत की ओर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जगह लोकसभा अध्यक्ष कार्यक्रम में शामिल होंगे। विदेश मंत्रालय के अनुसार, यह भागीदारी दोनों देशों के बीच मजबूत और स्थायी रिश्तों को दर्शाती है।बीएनपी नेताओं ने संकेत दिए हैं कि वे भारत सहित पड़ोसी देशों के साथ बेहतर संबंध बनाए रखना चाहते हैं।
पार्टी के महासचिव मिर्जा फखरुल इस्लाम आलमगीर ने कहा कि द्विपक्षीय संबंध किसी एक मुद्दे पर निर्भर नहीं होने चाहिए और व्यापार तथा सहयोग को आगे बढ़ाया जाएगा।तारिक रहमान ने चुनाव जीतने के बाद विपक्षी नेताओं से मुलाकात कर संवाद और सहयोग का संकेत दिया है। माना जा रहा है कि उनकी सरकार राजनीतिक स्थिरता और क्षेत्रीय सहयोग को प्राथमिकता दे सकती है।इस तरह बांग्लादेश की राजनीति में एक नया अध्याय शुरू होने जा रहा है, जिस पर पूरे दक्षिण एशिया की नजर

