फरवरी के दूसरे पखवाड़े में देश के मौसम ने चौंकाने वाला रुख अपनाया है। दिल्ली-एनसीआर सहित उत्तर भारत के कई हिस्सों में समय से पहले गर्मी जैसा माहौल महसूस किया जा रहा है। दोपहर के समय तेज धूप और बढ़ते तापमान ने मार्च–अप्रैल जैसी स्थिति का एहसास कराना शुरू कर दिया है।
क्यो हो रहा है मौसम में परिवर्तन?
पिछले कुछ दिनों से लगातार धूप निकलने के कारण दिन का तापमान सामान्य से अधिक महसूस हो रहा है। उत्तर प्रदेश और बिहार में भी लोगों को हल्की सर्दी के बजाय गर्मी का अनुभव होने लगा है। कई जगहों पर दोपहर में बाहर निकलना असहज हो रहा है।हालांकि अब मौसम में आंशिक बदलाव के संकेत दिखने लगे हैं। बीते 24 घंटों के दौरान दिल्ली-एनसीआर में लगभग 15–20 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से हवाएं चलीं, जिससे सुबह और शाम के समय हल्की ठंडक लौटी है। तेज हवाओं के कारण धूप का असर कुछ कम हुआ है, हालांकि तापमान में बड़ी गिरावट दर्ज नहीं की गई है।मौसम विभाग के अनुसार 15 से 20 फरवरी के बीच एक नया वेस्टर्न डिस्टर्बेंस सक्रिय हो सकता है। इसके प्रभाव से उत्तर भारत के मैदानी और पहाड़ी इलाकों में बादल छाने और हल्की बारिश की संभावना है।
17 और 18 फरवरी को दिल्ली-एनसीआर में भी बूंदाबांदी हो सकती है।यदि बादल और बारिश होती है तो तापमान में मामूली गिरावट देखने को मिल सकती है। साथ ही, हल्की वर्षा से प्रदूषण स्तर में भी कुछ राहत मिलने की उम्मीद है। हालांकि फिलहाल अनुमान है कि महाशिवरात्रि के दिन मौसम अपेक्षाकृत साफ रह सकता है और दिन में धूप निकल सकती है।कुल मिलाकर, मार्च की शुरुआत से पहले ही मौसम में उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है, जिससे सर्दी और गर्मी के बीच का यह दौर कुछ और दिनों तक जारी रहने की संभावना है।

