केंद्रीय बजट 2026-27 पेश होते ही महाराष्ट्र में शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे गुट) की ओर से तीखी प्रतिक्रिया सामने आई है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा संसद में बजट पेश किए जाने के बाद पार्टी की राज्यसभा सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने सरकार और बजट दोनों पर सवाल खड़े किए हैं।प्रियंका चतुर्वेदी ने बजट को लेकर तंज कसते हुए कहा कि प्रधानमंत्री द्वारा किए गए वादों के मुताबिक बड़े आर्थिक सुधारों की उम्मीद थी, लेकिन यह बजट उन उम्मीदों पर खरा नहीं उतरा। उनके अनुसार वैश्विक स्तर पर जारी आर्थिक उथल-पुथल के बीच भारत की स्पष्ट रणनीति सामने आनी चाहिए थी, लेकिन बजट अपने उद्देश्य से भटका हुआ नजर आया।उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि वित्त मंत्री ने चुनावी राज्य तमिलनाडु को ध्यान में रखते हुए पारंपरिक हथकरघा साड़ी तो पहनी, लेकिन अमेरिकी टैरिफ से प्रभावित क्षेत्रों पर कोई ठोस बात नहीं की। प्रियंका चतुर्वेदी का कहना है कि तिरुपुर जैसे औद्योगिक इलाकों पर अमेरिकी टैरिफ का गहरा असर पड़ा है, फिर भी इस मुद्दे पर बजट में कोई चर्चा नहीं की गई।यूबीटी सांसद ने कमजोर होते रुपये को लेकर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि रुपये की गिरावट से भारतीय आयातकों को भारी नुकसान हो रहा है, लेकिन उनकी राहत के लिए बजट में कोई प्रभावी कदम नजर नहीं आया। इसके साथ ही बेरोजगारी, रोजगार सृजन और अल्प-रोजगार जैसे गंभीर मुद्दों को भी नजरअंदाज किए जाने का आरोप लगाया।प्रियंका चतुर्वेदी ने कहा कि बजट में महंगाई और आम लोगों की स्थिर आय पर कोई ध्यान नहीं दिया गया है। उन्होंने यह भी कहा कि स्टार्टअप्स, तकनीकी नवाचार और शोध के लिए बजट में कोई ठोस प्रावधान नहीं दिखता। किसानों को लेकर भी उन्होंने निराशा जताई और कहा कि कृषि तकनीक, खाद्य आपूर्ति श्रृंखला, भंडारण, आसान ऋण और जलवायु परिवर्तन से निपटने जैसे अहम विषयों पर कोई स्पष्ट योजना सामने नहीं आई है।उन्होंने आगे आरोप लगाया कि विनिर्माण क्षेत्र को सुधारों के जरिए मजबूती देने की दिशा में भी बजट में कोई ठोस प्रयास नजर नहीं आता।