Friday, April 17, 2026
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बजट 2026 पर मुस्लिम संगठनों की क्या आयी प्रतिक्रिया?

मोदी सरकार द्वारा पेश किए गए केंद्रीय बजट 2026-27 के बाद मुस्लिम समुदाय और उससे जुड़े संगठनों की ओर से अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार, 1 फरवरी 2026 को आम बजट पेश किया, जिसमें अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय के लिए आवंटन बढ़ाया गया है। इस फैसले को लेकर कुछ संगठनों ने संतोष जताया है, तो कुछ ने इसे अपर्याप्त बताया है।

क्या आया रिएक्शन?

ऑल इंडिया शिया पर्सनल लॉ बोर्ड के महासचिव मौलाना यासूब अब्बास ने कहा कि इस बार अल्पसंख्यकों के लिए बजट में करीब 1240 करोड़ रुपये की बढ़ोतरी की गई है, जो सकारात्मक संकेत है। उन्होंने बताया कि वित्त वर्ष 2025-26 के संशोधित अनुमान की तुलना में 2026-27 के बजट में यह बढ़ोतरी उत्साहजनक है। हालांकि, उन्होंने यह भी चिंता जताई कि कई बार शिया समुदाय तक बजट का पूरा लाभ नहीं पहुंच पाता। उनका कहना है कि सरकार को ऐसा प्रभावी तंत्र बनाना चाहिए, जिससे सभी वर्गों को समान रूप से योजनाओं का फायदा मिले।वहीं, ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड (AIMPLB) के वरिष्ठ कार्यकारिणी सदस्य मौलाना खालिद रशीद फरंगी महली ने बजट पर संतुलित प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि अल्पसंख्यकों की जनसंख्या और उनकी शिक्षा संबंधी जरूरतों को देखते हुए बजट में और अधिक बढ़ोतरी की उम्मीद थी। उनके अनुसार, बीते वर्षों में छात्रवृत्ति और अन्य शैक्षणिक मदों में कटौती या समाप्ति हुई है, उस तुलना में इस बार की बढ़ोतरी पर्याप्त नहीं कही जा सकती। उन्होंने रोजगार, उच्च शिक्षा और कौशल विकास के लिए अधिक प्रभावी योजनाओं की आवश्यकता पर जोर दिया।जमीयत उलेमा-ए-हिंद (एएम) की उत्तर प्रदेश इकाई के कानूनी सलाहकार मौलाना काब रशीदी ने बजट के कुछ प्रावधानों की सराहना की। उन्होंने कहा कि अल्पसंख्यक छात्रों के शैक्षणिक सशक्तीकरण के लिए लगभग 832 करोड़ रुपये का प्रावधान एक सकारात्मक कदम है। उनके अनुसार, अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय के लिए कुल 3400 करोड़ रुपये का बजट अनुमान पेश किया गया है, जो पिछले संशोधित अनुमान से करीब 1240 करोड़ रुपये अधिक है।उन्होंने यह भी कहा कि असली जरूरत बजट के प्रभावी और पारदर्शी क्रियान्वयन की है, ताकि इसका वास्तविक लाभ अल्पसंख्यक समुदाय तक पहुंच सके।बजट दस्तावेजों के अनुसार, इस बार अल्पसंख्यक छात्रों की शिक्षा को मजबूत करने के लिए 831.7 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इसके अलावा, मंत्रालय के अंतर्गत चलने वाली विभिन्न केंद्रीय योजनाओं और परियोजनाओं के लिए लगभग 1,197.97 करोड़ रुपये के आवंटन का प्रस्ताव रखा गया है।

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