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साक्षात्कारः ब्रिटेन से पर्यटक आगमन में चार गुना से अधिक वृद्धि, राजस्थान की नजर वैश्विक पर्यटन बाजार पर: अजय कुमार शर्मा

अजय कुमार शर्मा, संयुक्त निदेशक (विपणन), पर्यटन विभाग, राजस्थान सरकार

वर्ल्ड ट्रैवल मार्केट,लंदन में दिनांक 3 से 5 नवंबर, 2026 तक राजस्थान पर्यटन विभाग द्वारा भाग लिया जा रहा है। इस आयोजन में राजस्थान के निजी क्षेत्र के पर्यटन हितधारकों, जैसे ट्रैवल एजेंट्स एवं टूर ऑपरेटर्स व होटेलियर्स की सहभागिता रहेगी। राजस्थान पर्यटन विकास निगम की प्रमुख पर्यटन उत्पाद शाही रेलगाड़ी के प्रचार-प्रसार एवं बुकिंग को भी प्रोत्साहित किया जाएगा। यहां एफएचटीआर के संयुक्त तत्वावधान में रोड शो का आयोजन भी किया जा रहा है, जिससे अंतरराष्ट्रीय पर्यटन बाजार में राजस्थान के पर्यटन उत्पादों का व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित हो सकेगा। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व और उपमुख्यमंत्री एवं पर्यटन मंत्री दिया कुमारी के मार्गदर्शन में राजस्थान पर्यटन को वैश्विक बाजार से जोड़ने और प्रदेश में निवेश एवं रोजगार की संभावनाओं को बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है। पर्यटन आयुक्त रुक्मणी रियाड़, वरिष्ठ अतिरिक्त निदेशक आनंद कुमार त्रिपाठी और अतिरिक्त निदेशक पवन कुमार जैन भी वर्ल्ड ट्रैवल मार्केट, लंदन में भाग ले रहे हैं।
राजस्थान पर्यटन विभाग के संयुक्त निदेशक (मार्केटिंग) अजय कुमार शर्मा से बातचीत में प्रदेश की अंतरराष्ट्रीय पर्यटन रणनीति, ब्रिटेन के बाजार, अनुभव आधारित पर्यटन, फिल्म शूटिंग और निवेश की संभावनाओं पर चर्चा हुई।

प्रश्न: डब्लूटीएम लंदन जैसे वैश्विक मंच राजस्थान पर्यटन के लिए कितने महत्वपूर्ण हैं?
अजय कुमार शर्मा: लंदन का वर्ल्ड ट्रैवल मार्केट (WTM) राजस्थान के लिए केवल पर्यटकों को आकर्षित करने का मंच नहीं, बल्कि प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत, वन्यजीव, ग्रामीण जीवन और विविध पर्यटन अनुभवों को वैश्विक बाजार तक पहुंचाने का महत्वपूर्ण अवसर है। यहां दुनिया भर के टूर ऑपरेटरों, ट्रैवल एजेंटों और पर्यटन कारोबारियों से संवाद के जरिए राजस्थान का उद्देश्य अंतरराष्ट्रीय साझेदारियों, निवेश और पर्यटन के नए अवसरों को बढ़ावा देना है।
हमारा प्रयास किले-महलों की पारंपरिक पहचान के साथ राजस्थान के नए पर्यटन आकर्षणों को भी वैश्विक यात्रियों से जोड़ना है। इससे पर्यटकों के अनुभव विविध होंगे और स्थानीय कलाकारों, हस्तशिल्पियों, गाइडों तथा छोटे पर्यटन व्यवसायियों के लिए रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। अंतरराष्ट्रीय बाजारों में राजस्थान की पहचान मजबूत करने, पर्यटन सेवाओं की गुणवत्ता सुधारने और पर्यटन का लाभ स्थानीय समुदायों तक पहुंचाने पर विशेष ध्यान है। इसके लिए अंतरराष्ट्रीय ट्रैवल ट्रेड से संवाद, बाजार की जरूरतों के अनुरूप प्रचार और डिजिटल माध्यमों का प्रभावी उपयोग जरूरी है।

प्रश्न: ब्रिटेन से आने वाले पर्यटकों के आंकड़े क्या संकेत देते हैं?
अजय कुमार शर्मा:, ब्रिटेन से राजस्थान आने वाले पर्यटकों की संख्या में पिछले वर्षों में वृद्धि दर्ज की गई। वर्ष 2022 में ब्रिटेन से 29,532 पर्यटक आए। वर्ष 2023 में यह संख्या 96,394, वर्ष 2024 में 1,28,994 और वर्ष 2025 में 1,33,978 रही। वर्ष 2022 के मुकाबले 2025 में ब्रिटेन से पर्यटक आगमन चार गुना से अधिक रहा। ब्रिटेन के साथ यूरोप के अन्य बाजार भी हमारे लिए महत्वपूर्ण हैं। वर्ष 2025 में फ्रांस से 1,31,270, जर्मनी से 82,703, इटली से 71,636 और स्पेन से 38,841 पर्यटक आए। इन बाजारों की जरूरतों और यात्रियों की रुचियों को समझकर राजस्थान के पर्यटन उत्पादों को अधिक प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया जा सकता है।

प्रश्न: वर्ष 2025 में राजस्थान में कुल विदेशी पर्यटक आगमन में कमी भी दर्ज हुई। इसे किस तरह देखते हैं?
अजय कुमार शर्मा: वर्ष 2024 में राजस्थान में विदेशी पर्यटक आगमन 20,72,407 था, जबकि 2025 में यह 19,45,068 दर्ज किया गया। अंतरराष्ट्रीय यात्रा पर वैश्विक परिस्थितियों, हवाई संपर्क, यात्रा लागत और यात्रियों की बदलती प्राथमिकताओं का प्रभाव पड़ सकता है। ब्रिटेन जैसे बाजारों में पर्यटक आगमन के रुझान को समझना और अलग-अलग देशों के लिए उपयुक्त प्रचार रणनीति विकसित करना इस दिशा में उपयोगी सिद्ध हो सकता है।

प्रश्न: पर्यटन नीतियों से निवेश और रोजगार की संभावनाएं किस तरह बढ़ेंगी?
अजय कुमार शर्मा: राजस्थान पर्यटन नीति-2025, राजस्थान पर्यटन इकाई नीति-2024 और राजस्थान फिल्म पर्यटन प्रोत्साहन नीति-2025 पर्यटन क्षेत्र में नई संभावनाओं को आगे बढ़ाने के लिए महत्वपूर्ण हैं। प्रदेश में हेरिटेज होटल, ग्रामीण पर्यटन, इको-टूरिज्म, धार्मिक पर्यटन, वेलनेस और डेस्टिनेशन वेडिंग जैसे क्षेत्रों नवाचारों के कारण रोजगार के अनेक अवसर सृजित हुए हैं। निवेश को प्रोत्साहित करने के लिए नीतियों के साथ बुनियादी ढांचे का विकास, बेहतर पर्यटन सुविधाएं, अनुमति प्रक्रिया में सुगमता और स्थानीय स्तर पर प्रशिक्षित मानव संसाधन भी आवश्यक हैं। अंतरराष्ट्रीय मंचों पर कारोबारी बैठकों से संभावित निवेशकों और विदेशी टूर ऑपरेटरों को राजस्थान की संभावनाओं से परिचित कराने का अवसर मिलता है।

प्रश्न: अंतरराष्ट्रीय फिल्मों ने राजस्थान की पर्यटन पहचान को किस तरह विस्तार दिया है?
अजय कुमार शर्मा: राजस्थान की स्थापत्य विरासत, किले, महल, झीलें और रेगिस्तानी परिवेश इसे फिल्म निर्माण के लिए विशिष्ट बनाते हैं। अंतरराष्ट्रीय फिल्मों में किसी स्थान को देखने के बाद दर्शकों की उस जगह के प्रति रुचि विकसित होती है, जिससे पर्यटन प्रचार के नए अवसर भी बनते हैं। राजस्थान की ऐतिहासिक धरोहर और विशिष्ट भौगोलिक परिदृश्य अंतरराष्ट्रीय फिल्म निर्माताओं को भी आकर्षित करते रहे हैं। द फॉल (2006) में राजस्थान की स्थापत्य विरासत और विशिष्ट लोकेशनों को दर्शाया गया। वेस एंडरसन की अमेरिकी फिल्म द दार्जिलिंग लिमिटेड (2007) में भी राजस्थान के परिदृश्य दिखाई देते हैं। ब्रिटिश-अमेरिकी फिल्म द बेस्ट एग्जॉटिक मैरिगोल्ड होटल (2011) ने राजस्थान के पर्यटन स्थलों को अंतरराष्ट्रीय दर्शकों के सामने प्रस्तुत किया। क्रिस्टोफर नोलन की द डार्क नाइट राइजेज (2012) में जोधपुर के मेहरानगढ़ किले की स्थापत्य कला को दर्शाया गया। वहीं, द सेकंड बेस्ट एग्जॉटिक मैरिगोल्ड होटल (2015) ने भी राजस्थान की पृष्ठभूमि को अंतरराष्ट्रीय पर्दे पर जगह दी। फिल्मों के माध्यम से राजस्थान की स्थापत्य विरासत और दृश्यात्मक विविधता को वैश्विक पहचान मिलती है। फिल्म पर्यटन को आगे बढ़ाने के लिए आकर्षक लोकेशन के साथ शूटिंग की अनुमति, विभागीय समन्वय और आवश्यक सुविधाओं की उपलब्धता महत्वपूर्ण है। फिल्म निर्माण से स्थानीय होटल, परिवहन, गाइड और अन्य सेवा प्रदाताओं को भी काम मिल सकता है।

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