टोंक, 05 अक्टूबर (वेब वार्ता)। भारतीय किसान संघ जिला टोंक के आह्वान पर सोमवार, 5 अक्टूबर को जिलेभर में किसानों की पांच सूत्रीय मांगों को लेकर मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपे गए। जिले के विभिन्न उपखंड एवं तहसील मुख्यालयों पर भारतीय किसान संघ के कार्यकर्ता एवं किसान संगठन के बैनर और झंडे लेकर पहुंचे तथा किसानों की समस्याओं के समाधान की मांग की।
भारतीय किसान संघ के जिला मंत्री विनय सिंह ताखर ने बताया कि ज्ञापन में बाजरा एवं मूंग की समर्थन मूल्य पर खरीद सुनिश्चित करने, दूध के डेयरी खरीद मूल्य एवं बोनस में वृद्धि करने, रबी फसलों की बुवाई के लिए पर्याप्त खाद उपलब्ध कराने, ईशरदा बांध से प्रभावित किसानों को भूमि अधिग्रहण का न्यायपूर्ण एवं चार गुना मुआवजा देने तथा जंगली सूअरों से फसलों को हो रहे नुकसान की रोकथाम एवं किसानों को उचित मुआवजा दिलाने की मांग की गई है। उन्होंने बताया कि जंगली सूअरों द्वारा खेतों में खड़ी फसलों को लगातार नुकसान पहुंचाया जा रहा है। कई स्थानों पर किसानों द्वारा सूअरों को भगाने के दौरान किसानों पर हमला भी किया गया है, जिससे किसान घायल हुए हैं। ऐसे में सरकार को फसल नुकसान के साथ-साथ मानव जीवन की सुरक्षा को भी गंभीरता से लेते हुए प्रभावी कार्रवाई करनी चाहिए।
विभिन्न स्थानों पर इन पदाधिकारियों के नेतृत्व में सौंपे गए ज्ञापन—
टोंक: संभाग अध्यक्ष पोकर लाल जाट, तहसील अध्यक्ष मूल सिंह सोलंकी एवं तहसील मंत्री कन्हैयालाल के नेतृत्व में।
निवाई: जिला अध्यक्ष रमेश चंद्र जाट, जिला सहमंत्री रामगोपाल रोहलानिया एवं तहसील अध्यक्ष राम राय चौधरी के नेतृत्व में।
पीपलू: जिला उपाध्यक्ष देवकरण जाट, राम प्रकाश शर्मा एवं शंकर लाल चौधरी के नेतृत्व में।
टोडारायसिंह: तहसील अध्यक्ष जगदीश घटाला एवं तहसील मंत्री राजकुमार प्रजापत के नेतृत्व में।
मालपुरा: तहसील अध्यक्ष गोपी गोदारा एवं गिर्राज कारवाल के नेतृत्व में।
उनियारा: प्रांत प्रतिनिधि रामस्वरूप धाकड़, कर्नल बृज बिहारी जांगिड़ एवं नेमलाल के नेतृत्व में।
नगरफोर्ट: जिला उपाध्यक्ष प्रभु लाल मीणा, रामकिशन धाकड़ एवं लक्ष्मीनारायण बराला के नेतृत्व में।
देवली: तहसील संयोजक तेज प्रकाश चौधरी एवं प्रभारी भंवरलाल जाट के नेतृत्व में।
भारतीय किसान संघ ने सरकार से मांग की कि किसानों की उक्त समस्याओं का शीघ्र समाधान किया जाए तथा किसान हित में ठोस निर्णय लिए जाएं। संघ ने कहा कि किसानों की मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई नहीं होने पर संगठन आगामी दिनों में आंदोलन को और व्यापक रूप देगा।

