नई दिल्ली। केंद्रीय संचार एवं पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने पूर्वोत्तर की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, परंपराओं और विकास की संभावनाओं को समझने में विद्यार्थियों की भागीदारी को महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि इस तरह के संवाद से युवाओं को क्षेत्र की विविधता को करीब से जानने का अवसर मिलता है। साथ ही सांस्कृतिक संबंध, आपसी समझ और राष्ट्रीय एकता मजबूत होती है।
केंद्रीय पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्रालय के अनुसार सिंधिया ने मिजोरम की दो दिवसीय यात्रा के दौरान मिजोरम विश्वविद्यालय में विद्यार्थियों से संवाद किया। उन्होंने मंत्रालय के ‘अष्टलक्ष्मी दर्शन’ कार्यक्रम के तहत पूर्वोत्तर की यात्रा पर आए गोवा और चंडीगढ़ के विद्यार्थियों से भी मुलाकात की और उनके अनुभवों एवं विचारों पर चर्चा की।
मंत्रालय के अनुसार पिछले एक वर्ष में इस कार्यक्रम के तहत 590 से अधिक विद्यार्थी भाग ले चुके हैं। इसका उद्देश्य पूर्वोत्तर और देश के अन्य हिस्सों के बीच संपर्क बढ़ाना तथा युवाओं को क्षेत्र की परंपराओं, समुदायों और विकास से जुड़े अवसरों से परिचित कराना है। सिंधिया ने कहा कि यह पहल वर्ष 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य के अनुरूप है। इससे युवाओं की भागीदारी बढ़ाने, देश की विविधता को समझने और भारत की विकास यात्रा में पूर्वोत्तर की भूमिका को मजबूत करने में मदद मिलेगी।