जांजगीर चांपा। पितृ पक्ष के पावन अवसर पर आज साेमवार काे श्री शिवरीनारायण मठ के पूर्वाचार्य महन्त लाल दास जी महाराज का श्रद्धापूर्वक स्मरण किया गया। इस अवसर पर मठ परिसर में धार्मिक एवं आध्यात्मिक वातावरण के बीच संत-महात्माओं और श्रद्धालु भक्तों ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।
श्री शिवरीनारायण मठ पीठाधीश्वर राजेश्री महन्त रामसुन्दर दास जी महाराज सहित मठ से जुड़े संत-महात्माओं और श्रद्धालुओं ने महन्त लाल दास जी महाराज के व्यक्तित्व एवं कृतित्व को याद किया। इस दौरान उनके धार्मिक, आध्यात्मिक और सामाजिक योगदान पर प्रकाश डालते हुए उनके द्वारा सनातन परंपरा एवं धार्मिक मूल्यों के संरक्षण के लिए किए गए कार्यों को स्मरण किया गया।
पितृ पक्ष के दौरान पूर्वाचार्य महन्त लाल दास जी महाराज का स्मरण करते हुए श्रद्धालुओं ने उनके प्रति अपनी आस्था और श्रद्धा व्यक्त की। संत-महात्माओं ने कहा कि धार्मिक और आध्यात्मिक क्षेत्र में उनका योगदान सदैव स्मरणीय रहेगा। उनके विचार और संस्कार आने वाली पीढ़ियों को भी धार्मिक एवं आध्यात्मिक मार्ग पर आगे बढ़ने की प्रेरणा देते रहेंगे।
इस अवसर पर उपस्थित श्रद्धालुओं ने महन्त लाल दास जी महाराज को नमन करते हुए उनकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की। मठ परिसर में श्रद्धा और भक्तिभाव के साथ पूर्वाचार्य का स्मरण किया गया।
जशपुर जिले में मैनी एनीकट निर्माण के लिए 70.99 करोड़ रुपये स्वीकृत
रायपुर। छत्तीसगढ़ शासन के जल संसाधन विभाग द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों में जल संसाधनों के विकास और किसानों की सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया है। इसके तहत जशपुर जिले के विकासखंड-कांसाबेल अंतर्गत मैनी एनीकट के निर्माण कार्य के लिए 70 करोड़ 99 लाख 57 हजार रुपये (70.99 करोड़ रुपये) की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई है। इस एनीकट के निर्माण से क्षेत्र में भू-जल स्तर में सुधार होगा और जल संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा।
जशपुर के किसानों को कृषि के क्षेत्र में बड़ा लाभ मिलेगा। इस योजना से कुल 1500 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा उपलब्ध होगी। खरीफ फसल के 1300 हेक्टेयर क्षेत्र में और रबी फसल के 200 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई हो सकेगी। इस एनीकट के बनने से क्षेत्र के किसानों की आय में वृद्धि होगी और कृषि उत्पादन को भी नया संबल मिलेगा। स्थानीय नागरिकों के लिए निस्तारी और पेयजल की समस्या का स्थायी समाधान हो सकेगा। इस परियोजना से क्षेत्र में आवागमन की सुविधा भी सुगम होगी।
गरियाबंद : युवा रत्न सम्मान हेतु आवेदन 30 अक्टूबर तक आमंत्रित
गरियाबंद। खेल एवं युवा कल्याण विभाग द्वारा प्रदेश के युवाओं एवं स्वैच्छिक संगठनों द्वारा सामाजिक-सांस्कृतिक, साहित्यिक, शैक्षणिक, खेल तथा अन्य विविध क्षेत्रों में किए गए उत्कृष्ट कार्यों को प्रोत्साहित करने एवं उन्हें राज्यस्तर पर मान्यता प्रदान करने के उद्देश्य से युवा रत्न सम्मान योजना संचालित किया जा रहा है। युवा रत्न सम्मान हेतु आवेदन 30 अक्टूबर तक आमंत्रित है।
खेल विभाग से प्राप्त जानकारी अनुसार इस योजना में विभिन्न क्षेत्र जैसे- असाधारण एवं विशिष्ट सेवा कार्य 01 युवा तथा 01 स्वैच्छिक संगठन को (पुरस्कार राशि 2 लाख 50 हजार रुपये एवं 05 लाख रुपये), युवा रत्न सम्मान सामाजिक, साहित्य, उद्योग, शिक्षा, खेल, पर्यावरण, महिला एवं बाल विकास, मीडिया, स्वास्थ्य, विज्ञान एवं प्रोद्यौगिकी, दिव्यांजन सशक्तिकरण, कला एवं संगीत, लोककला में सम्मान किया जायेगा। इस योजना अंतर्गत प्रत्येक क्षेत्र में 01 युवा को एक लाख रुपये पुरस्कार राशि के साथ पदक, एक प्रमाण पत्र, एक शॉल प्रदान की जायेगी।
युवा रत्न सम्मान (महिला एवं बाल विकास) के पुरस्कार में केवल महिलाओं, बालिकाओं को ही प्रदान की जाएगी। एक श्रेणी का युवा रत्न सम्मान, किसी व्यक्ति संगठन, संस्था को एक से अधिक बार नहीं दिया जाएगा। इस सम्मान के लिए छत्तीसगढ़ का मूल निवासी तथा आयु 15 से 29 वर्ष (जिस वित्तीय वर्ष के लिए पुरस्कार प्रदान किया जाना है, उसके 01 अप्रैल को उसकी आयु 15 वर्ष पूर्ण तथा 31 मार्च में आयु 29 वर्ष से कम होना चाहिए) के बीच होना चाहिए। युवा रत्न सम्मान योजना अंतर्गत विभिन्न क्षेत्रों में आवेदन 30 अक्टूबर तक कार्यालय कलेक्टर, खेल एवं युवा कल्याण, जिला गरियाबंद में कार्यालयीन समय में जमा कर सकते हैं।

