अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव के बीच दोनों देशों के रुख में साफ टकराव देखने को मिल रहा है। जहां एक ओर Donald Trump ने दावा किया कि ईरान समझौते के लिए तैयार है, वहीं दूसरी ओर ईरान की तरफ से कड़ा जवाब सामने आया है।ईरान के वरिष्ठ सैन्य सलाहकार Mohsen Rezaee ने स्पष्ट कर दिया है कि उनका देश दबाव में आने वाला नहीं है।
उन्होंने कहा कि जब तक ईरान की सभी शर्तें पूरी नहीं होतीं, तब तक किसी भी तरह का समझौता संभव नहीं है। ईरान की मांगों में युद्ध से हुए नुकसान की भरपाई, सभी आर्थिक प्रतिबंधों को हटाना और भविष्य में अमेरिकी दखलअंदाजी न होने की गारंटी शामिल है।रेज़ाई ने अपने बयान में सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि इस बार ईरान का जवाब पहले जैसा सीमित नहीं होगा, बल्कि ज्यादा कठोर होगा।
उनका कहना है कि ईरानी सेना पूरी ताकत के साथ कार्रवाई कर रही है और लगातार ऑपरेशन के जरिए दबाव बनाए रखा जा रहा है।उन्होंने यह भी दावा किया कि यह संघर्ष पहले ही खत्म हो सकता था, लेकिन Benjamin Netanyahu के दबाव के चलते लड़ाई जारी रही। उनके अनुसार अब अमेरिका को भी यह एहसास हो गया है कि इस टकराव में जीत हासिल करना आसान नहीं है।
दूसरी तरफ, ट्रंप का कहना है कि अमेरिका की ईरान के एक शीर्ष नेता के साथ बातचीत जारी है और समझौते की संभावना बनी हुई है। उन्होंने यह भी बताया कि अमेरिकी प्रतिनिधियों ने एक ईरानी अधिकारी से संपर्क किया है, हालांकि उस व्यक्ति की पहचान सार्वजनिक नहीं की गई।गौरतलब है कि फरवरी के अंत में अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान पर किए गए हमलों के बाद यह संघर्ष तेज हो गया, जिसके बाद से क्षेत्र में तनाव लगातार बना हुआ है।

