डॉ धनंजय गिरि
उत्तर प्रदेश में कारोबारी सुगमता, एमएसएमई प्रोत्साहन और स्थानीय उद्यमियों को सरकारी खरीद से जोड़ने की नीतियों का असर अब सरकारी ई-मार्केटप्लेस (GeM) पर भी दिखाई दे रहा है। सरकारी खरीद के इस डिजिटल प्लेटफॉर्म पर प्रदेश के कारोबारियों की बढ़ती भागीदारी इस बात का संकेत है कि छोटे उद्यमों के लिए सरकारी बाजार तक पहुंच के अवसर लगातार बढ़ रहे हैं।
31 मार्च 2026 तक उत्तर प्रदेश में GeM पर पंजीकृत कुल फर्मों की संख्या 7,86,687 पहुंच गई। 31 मार्च 2025 को यह संख्या 6,85,488 थी। यानी एक वर्ष में 1,01,199 नई फर्में GeM से जुड़ीं और कुल पंजीकरण में करीब 15 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज हुई। इन आंकड़ों का महत्व केवल कुल पंजीकरण की वृद्धि तक सीमित नहीं है। MSE, महिला उद्यमियों, SC-ST वर्ग और स्टार्टअप फर्मों की भागीदारी में भी बढ़ोतरी हुई है। यह बदलाव सरकारी खरीद व्यवस्था में कारोबारी समूहों की बढ़ती भागीदारी और डिजिटल प्लेटफॉर्म के विस्तार को रेखांकित करता है।
उत्तर प्रदेश की सूक्ष्म एवं लघु उद्यम (MSE) फर्मों का GeM पर पंजीकरण 31 मार्च 2025 के 1,06,855 से बढ़कर 31 मार्च 2026 को 1,23,075 हो गया। यानी एक साल में 16,220 फर्मों की वृद्धि हुई, जो करीब 16 प्रतिशत है। यह वृद्धि बताती है कि प्रदेश के छोटे उद्यम सरकारी संस्थानों की खरीद प्रक्रिया में उपलब्ध डिजिटल बाजार तक अपनी पहुंच बढ़ा रहे हैं। एमएसएमई को प्रोत्साहित करने और सरकारी खरीद में छोटे कारोबारियों की भागीदारी बढ़ाने वाली नीतियों के संदर्भ में यह आंकड़ा महत्वपूर्ण है।
GeM पर महिला फर्मों के पंजीकरण में भी उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज हुई। 31 मार्च 2025 को जहां 19,418 महिला फर्में पंजीकृत थीं, वहीं 31 मार्च 2026 तक यह संख्या बढ़कर 23,407 हो गई। यानी एक वर्ष में 3,989 महिला फर्में GeM से जुड़ीं और इस श्रेणी में करीब 21 प्रतिशत की वृद्धि हुई। सरकारी खरीद में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी उन्हें अपने उत्पादों और सेवाओं के लिए व्यापक बाजार तक पहुंच बनाने का अवसर प्रदान करती है।
अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति वर्ग की फर्मों के पंजीकरण में भी बढ़ोतरी हुई है। 31 मार्च 2025 को GeM पर 4,890 SC-ST फर्में पंजीकृत थीं। 31 मार्च 2026 तक इनकी संख्या बढ़कर 5,783 हो गई। इस तरह एक साल में 893 फर्मों की वृद्धि दर्ज की गई, जो करीब 18 प्रतिशत है। सरकारी खरीद के डिजिटल प्लेटफॉर्म पर इन वर्गों की बढ़ती मौजूदगी समावेशी कारोबारी अवसरों की दिशा में एक महत्वपूर्ण बदलाव को दर्शाती है।
उत्तर प्रदेश के स्टार्टअप इकोसिस्टम की सक्रियता भी GeM के आंकड़ों में दिखाई देती है। 31 मार्च 2025 को GeM पर 4,404 स्टार्टअप फर्में पंजीकृत थीं। 31 मार्च 2026 तक यह संख्या बढ़कर 5,350 हो गई। यानी एक साल में 946 स्टार्टअप फर्में जुड़ीं और इस श्रेणी में करीब 21 प्रतिशत की वृद्धि हुई। इससे नए उद्यमों को सरकारी संस्थानों तक अपने नवाचार, तकनीकी समाधान और सेवाएं पहुंचाने के लिए एक अतिरिक्त बाजार उपलब्ध होने की तस्वीर सामने आती है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश सरकार की क्रय नीति छोटे और स्थानीय उद्यमियों के लिए नए अवसर पैदा कर रही है। उत्तर प्रदेश GeM क्रय नीति-2024 के माध्यम से सरकारी खरीद प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और प्रतिस्पर्धी बनाने के साथ छोटे उद्यमियों की भागीदारी को बेहतर अवसर दिया जा रहा है। उनके मुताबिक, उत्तर प्रदेश में अपनाई गई इस व्यवस्था की उपयोगिता अब व्यापक स्तर पर दिखाई दे रही है। GeM पर कुल फर्मों के साथ MSE, महिला, SC-ST और स्टार्टअप फर्मों के पंजीकरण में हुई वृद्धि उत्तर प्रदेश के कारोबारी परिदृश्य में हो रहे बदलाव की ओर संकेत करती है। सरकारी खरीद अब केवल बड़े कारोबारों तक सीमित बाजार न रहकर छोटे, स्थानीय और नए उद्यमों के लिए भी अवसर का माध्यम बन रही है।
इसका व्यापक प्रभाव प्रदेश की उद्यमिता और एमएसएमई अर्थव्यवस्था पर पड़ सकता है। यदि छोटे कारोबारियों को सरकारी खरीद के साथ-साथ समय पर भुगतान, प्रतिस्पर्धी अवसर और डिजिटल बाजार तक आसान पहुंच मिलती है, तो इससे उनके कारोबार के विस्तार की संभावनाएं बढ़ सकती हैं। इस लिहाज से GeM पर बढ़ते पंजीकरण को केवल संख्या में हुई वृद्धि के रूप में देखने के बजाय उत्तर प्रदेश के छोटे कारोबारियों के औपचारिक और डिजिटल बाजार से जुड़ने की प्रक्रिया के एक संकेतक के तौर पर देखा जा सकता है। स्थानीय उद्यमियों, महिला कारोबारियों, SC-ST फर्मों और स्टार्टअप्स की बढ़ती भागीदारी इस प्रक्रिया को और व्यापक स्वरूप दे रही है।
(लेखक संघ विचारक हैं।)

