28 फरवरी 2026 को इजरायल ने ईरान की राजधानी तेहरान समेत कई शहरों पर सैन्य कार्रवाई की। इसके बाद हालात तेजी से बदलते नजर आए और ईरान ने जवाबी कदम उठाते हुए क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाया। रिपोर्ट्स के मुताबिक कतर के अल उदेइद एयर बेस, कुवैत के अल सालेम बेस, यूएई के अल धाफरा एयर बेस, बहरीन स्थित अमेरिकी पांचवीं फ्लीट के अड्डे, सऊदी अरब की राजधानी रियाद और इजरायल के हाइफा व गैली क्षेत्रों की ओर मिसाइलें दागी गईं।
इस घटनाक्रम के बीच ईरान की ओर से उसके सर्वोच्च नेता अयातुल्लाह अली खामेनेई की एक सांकेतिक तस्वीर जारी की गई, जिसे कई विश्लेषक आंतरिक एकजुटता और दृढ़ संदेश के रूप में देख रहे हैं।इजरायल के प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu ने वीडियो संदेश जारी कर कहा कि इजरायल और अमेरिका ने ईरान में “आतंकवादी शासन” के खिलाफ अभियान शुरू किया है।
उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump के नेतृत्व की सराहना करते हुए आरोप लगाया कि ईरान का मौजूदा शासन वर्षों से इजरायल और अमेरिका के खिलाफ आक्रामक रुख अपनाए हुए है और उसे परमाणु हथियार हासिल करने से रोकना जरूरी है।दूसरी ओर, ईरान ने इस कार्रवाई को अपनी संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता का उल्लंघन बताया है। ईरान के विदेश मंत्रालय ने कहा कि यह हमला ऐसे समय में हुआ जब कूटनीतिक प्रक्रिया जारी थी।
तेहरान ने संयुक्त राष्ट्र से दखल की मांग की है और कहा है कि वह हमलों का “निर्णायक जवाब” देगा।ताजा घटनाओं के बाद पश्चिम एशिया में तनाव काफी बढ़ गया है। कई देशों ने स्थिति पर नजर बनाए रखी है और क्षेत्रीय स्थिरता को लेकर चिंता जताई है। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में हालात किस दिशा में जाते हैं, यह दोनों पक्षों के अगले कदमों पर निर्भर करेगा।

