इज़रायल के प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu ने उन खबरों को सिरे से खारिज कर दिया है, जिनमें कहा जा रहा था कि इज़रायल ने अमेरिका को Iran के साथ युद्ध में खींच लिया। उन्होंने इन रिपोर्ट्स को “फेक न्यूज” बताते हुए साफ कहा कि ऐसा दावा पूरी तरह गलत है।प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान नेतन्याहू ने कहा कि करीब 20 दिनों की लड़ाई के बाद ईरान की सैन्य क्षमता काफी कमजोर हो चुकी है। उनके मुताबिक, अब ईरान के पास न तो बैलिस्टिक मिसाइल बनाने की क्षमता बची है और न ही यूरेनियम संवर्धन (एनरिचमेंट) की ताकत।उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि इज़रायल ने किसी दबाव में आकर अमेरिका को युद्ध में शामिल नहीं किया।
उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि क्या कोई वास्तव में सोच सकता है कि Donald Trump जैसे नेता को कोई यह बता सकता है कि उन्हें क्या करना चाहिए?नेतन्याहू ने बताया कि ट्रंप ने उनसे ईरान के गैस फील्ड पर आगे के हमले कुछ समय के लिए रोकने का अनुरोध किया था। हालांकि, उन्होंने जोर देकर कहा कि South Pars Gas Field पर किया गया हमला पूरी तरह इज़रायल का अपना ऑपरेशन था और इसमें किसी अन्य देश की भूमिका नहीं थी।Strait of Hormuz को बंद करने की ईरान की धमकी पर उन्होंने इसे “ब्लैकमेल” बताया और कहा कि दुनिया अब ऐसी स्थितियों के लिए तैयार है।
उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि तेल और गैस के लिए इस तरह के समुद्री मार्गों पर निर्भरता कम की जानी चाहिए और वैकल्पिक पाइपलाइन नेटवर्क विकसित किए जाने चाहिए।नेतन्याहू ने विश्वास जताया कि मौजूदा हालात तेजी से बदल रहे हैं और यह संघर्ष उम्मीद से पहले खत्म हो सकता है। साथ ही, उन्होंने दावा किया कि ईरान के अंदर नेतृत्व स्तर पर मतभेद और अस्थिरता के संकेत भी दिखाई दे रहे हैं।

