नई दिल्ली: राष्ट्रीय कृषि और ग्रामीण विकास बैंक (NABARD) ने मुंबई स्थित अपने मुख्यालय में अत्याधुनिक अनुभव केंद्र (Experience Centre) का शुभारंभ किया है। वित्तीय सेवा विभाग (DFS), भारत सरकार के सचिव संजय लोहिया ने इस केंद्र का उद्घाटन किया। यह केंद्र तकनीक आधारित और संवादात्मक अनुभव के माध्यम से NABARD की विकास यात्रा, उपलब्धियों तथा ग्रामीण भारत पर उसके प्रभाव को प्रदर्शित करता है।
उद्घाटन के अवसर पर NABARD के अध्यक्ष डॉ. शाजी कृष्णन वी., उप प्रबंध निदेशक गोवर्धन एस. रावत, डॉ. अजय के. सूद और राकेश कश्यप, वित्त मंत्रालय के वित्तीय सेवा विभाग की निदेशक श्वेता राव बी. सहित NABARD के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
ग्रामीण विकास की यात्रा को तकनीक से जोड़ेगा अनुभव केंद्र
NABARD का अनुभव केंद्र आगंतुकों को संस्था की विकास यात्रा से परिचित कराता है। इसमें NABARD की प्रमुख उपलब्धियों, महत्वपूर्ण पड़ावों, ग्रामीण क्षेत्रों की सफलता की कहानियों और ग्रामीण विकास के भविष्य को आकार देने वाली पहलों को प्रदर्शित किया गया है।
इंटरैक्टिव टचप्वाइंट्स के माध्यम से आगंतुक NABARD द्वारा समर्थित विभिन्न परियोजनाओं को देख सकते हैं, उसकी योजनाओं और हस्तक्षेपों के बारे में जानकारी प्राप्त कर सकते हैं तथा संस्था के नेतृत्व, संगठनात्मक यात्रा और उसके कार्यों के प्रभाव से परिचित हो सकते हैं।
केंद्र में जलवायु-अनुकूल कृषि को बढ़ावा देने, स्वयं सहायता समूहों को समर्थन देने, ग्रामीण बुनियादी ढांचे के निर्माण और डिजिटल वित्तीय समावेशन को आगे बढ़ाने जैसी पहलों को भौतिक और डिजिटल प्रदर्शनों के माध्यम से प्रस्तुत किया गया है।
ग्रामीण विकास में NABARD की भूमिका को किया रेखांकित
वित्तीय सेवा विभाग के सचिव संजय लोहिया ने ग्रामीण विकास को मजबूत करने में NABARD की भूमिका को रेखांकित किया। उन्होंने NABARD के कार्यों और ग्रामीण भारत पर उसके प्रभाव को प्रदर्शित करने वाले अनुभव केंद्र का स्वागत किया।
इस अवसर पर NABARD के अध्यक्ष डॉ. शाजी कृष्णन वी. ने कहा कि NABARD की विकास यात्रा ग्रामीण भारत की बदलती आकांक्षाओं और विकास संबंधी जरूरतों को प्रतिबिंबित करती है।
उन्होंने कहा, “एक पुनर्वित्त संस्थान के रूप में अपनी स्थापना से NABARD अब समावेशी और सतत ग्रामीण विकास के उत्प्रेरक के रूप में विकसित हुआ है। संस्था कृषि, ग्रामीण बुनियादी ढांचे, उद्यमों और लचीले ग्रामीण समुदायों के विकास को बढ़ावा देने के साथ भारत सरकार की नीतिगत प्राथमिकताओं को आगे बढ़ा रही है।”
उन्होंने कहा कि आज ग्रामीण भारत केवल विकास योजनाओं का लाभार्थी नहीं है, बल्कि नवाचार, उद्यमिता और आर्थिक प्रगति का एक गतिशील इंजन बन चुका है।
लोगों और समुदायों को जोड़ने का माध्यम बनेगा केंद्र
डॉ. शाजी कृष्णन ने कहा कि NABARD अनुभव केंद्र संस्था की पहलों और उन लोगों एवं समुदायों के बीच एक सेतु का काम करेगा, जिनके सशक्तीकरण के लिए ये योजनाएं तैयार की गई हैं।
उन्होंने कहा कि NABARD के कार्यों के प्रभाव को प्रदर्शित करने वाला यह केंद्र आम लोगों की समझ को बेहतर बनाने, सार्थक संवाद को प्रोत्साहित करने और भारत के ग्रामीण विकास एजेंडे के समर्थन में साझेदारी को मजबूत करने में मदद करेगा।
ग्रामीण नवाचार और तकनीक आधारित बदलाव पर जोर
मुंबई स्थित NABARD मुख्यालय में स्थापित यह अनुभव केंद्र विकास वित्तीय संस्था के रूप में NABARD की भूमिका को और मजबूत करता है। साथ ही, यह तकनीक आधारित ग्रामीण परिवर्तन के लिए संस्था की प्रतिबद्धता को भी प्रदर्शित करता है।
NABARD भारत सरकार, राज्य सरकारों, स्टार्टअप्स, शोध संस्थानों, वित्तीय संस्थानों और ग्रामीण उद्यमियों के साथ मिलकर ग्रामीण क्षेत्रों की वास्तविक चुनौतियों के समाधान विकसित करने और एक मजबूत ग्रामीण नवाचार पारिस्थितिकी तंत्र तैयार करने की दिशा में काम कर रहा है।
अनुभव केंद्र में ऐसे कई समाधानों को भी प्रदर्शित किया गया है, जिनका वास्तविक ग्रामीण चुनौतियों के समाधान के लिए पहले ही पायलट परीक्षण और कार्यान्वयन किया जा चुका है। केंद्र इस प्रकार ग्रामीण विकास से जुड़े विभिन्न पक्षों के बीच संवाद और सहयोग को बढ़ावा देने के लिए एक महत्वपूर्ण मंच के रूप में भी काम करेगा।
यह अनुभव केंद्र NABARD की विकास यात्रा को नई तकनीकों और नवाचारों से जोड़ते हुए ग्रामीण भारत में समावेशी, सतत और तकनीक-सक्षम विकास की दिशा में किए जा रहे प्रयासों को व्यापक रूप से सामने लाएगा।

