गुरुग्राम: ‘विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस’ के अवसर पर गुरुग्राम में आयोजित कार्यक्रम में विभाजन की भीषण त्रासदी में अपने प्राण गंवाने वाले सभी निर्दोष नागरिकों को श्रद्धासुमन अर्पित किए गए। इस दौरान विस्थापित परिवारों के साहस, संघर्ष और धैर्य को नमन करते हुए उनके योगदान को याद किया गया।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा गया कि विभाजन का दौर भारतीय इतिहास का एक अत्यंत पीड़ादायक अध्याय है। लाखों लोगों को अपनी जन्मभूमि, घर-परिवार और परिचित परिवेश छोड़कर विस्थापन का दंश झेलना पड़ा। विपरीत परिस्थितियों के बावजूद उन्होंने जिस साहस, धैर्य और दृढ़ संकल्प के साथ अपने जीवन को दोबारा खड़ा किया, वह आने वाली पीढ़ियों के लिए सदैव प्रेरणा का स्रोत रहेगा।
विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस हमें उन असंख्य लोगों की पीड़ा और बलिदान को याद करने का अवसर देता है, जिन्होंने इतिहास के उस कठिन दौर में अपनों को खोया और विस्थापन का दर्द सहा। यह दिवस अतीत से सीख लेते हुए राष्ट्रीय एकता, अखंडता और सामाजिक सौहार्द को मजबूत बनाए रखने का संदेश भी देता है।
कार्यक्रम में प्रदेश अध्यक्ष श्रीमती अरुणा गुप्ता जी, केंद्रीय विद्युत एवं आवास एवं शहरी कार्य मंत्री श्री मनोहर लाल खट्टर जी सहित अन्य वरिष्ठ नेता, जनप्रतिनिधि एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

