मुंबई। कैमरे के सामने दमदार अभिनय, तलवारबाजी, एक्शन और पौराणिक किरदारों की गंभीरता… लेकिन कैमरे के पीछे माहौल बिल्कुल अलग होता है। हंसी-मजाक, दोस्ती और गरमा-गरम चाय-पकौड़ों की खुशबू से भरा। यही खास नज़ारा इन दिनों सोनी सब के लोकप्रिय पौराणिक शो ‘हस्तिनापुर के वीर’ के सेट पर देखने को मिल रहा है।
यह शो महाभारत के पांडवों और कौरवों के बचपन की उन अनकही कहानियों को पर्दे पर लाता है, जिन्होंने आगे चलकर उनके व्यक्तित्व और जीवन की दिशा तय की। हालांकि, पर्दे पर दिखाई देने वाली गंभीरता के पीछे कलाकारों की दोस्ती और अपनापन इस शो की सबसे खूबसूरत कहानी बनकर उभर रहा है।
शूटिंग के बीच चाय-पकौड़ों का स्वाद
लगातार चलने वाली व्यस्त शूटिंग के बीच कलाकारों ने हाल ही में कुछ पल अपने लिए निकाले। सेट पर आयोजित एक छोटी-सी चाय-पकौड़ा पार्टी में छोटे कलाकारों से लेकर वरिष्ठ कलाकारों तक सभी ने एक साथ बैठकर चाय की चुस्कियों और गरमा-गरम पकौड़ों का आनंद लिया।
इस दौरान सिर्फ स्नैक्स ही नहीं, बल्कि ढेर सारी हंसी, मजेदार किस्से और आपसी बातचीत ने माहौल को और भी खुशनुमा बना दिया। कलाकारों के लिए यह छोटा-सा ब्रेक टीम के बीच रिश्तों को और मजबूत करने का अवसर बन गया।
“दोस्तों के साथ पिकनिक जैसा लगता है”
शो में अर्जुन की भूमिका निभा रहीं उर्वा सवालिया कहती हैं कि उन्हें शूटिंग से ज्यादा इंतजार चाय ब्रेक का रहता है।
उनके मुताबिक, सभी कलाकार एक साथ बैठते हैं, पकौड़ों का आनंद लेते हैं, शूटिंग के दौरान हुई मजेदार घटनाओं पर खुलकर हंसते हैं और कभी-कभी खेल भी खेलते हैं। उनके लिए यह अनुभव बिल्कुल दोस्तों के साथ पिकनिक जैसा होता है, जो शूटिंग को और भी यादगार बना देता है।
“स्नैक ब्रेक हमें फिर से तरोताज़ा कर देता है”
युधिष्ठिर की भूमिका निभा रहे अथर खान का कहना है कि शूटिंग जितनी रोमांचक होती है, स्नैक ब्रेक उसे उतना ही खास बना देता है।
वे बताते हैं कि पूरा कलाकार दल इन ब्रेक्स का इंतजार करता है और जब तक चाय-पकौड़े खत्म होते हैं, सभी इतनी हंसी-मजाक कर चुके होते हैं कि अगले सीन के लिए पूरी तरह तरोताजा महसूस करते हैं।
“सेट घर जैसा महसूस होता है”
नकुल की भूमिका निभा रहे हरित गबानी के अनुसार, जैसे ही कोई आवाज लगाता है कि चाय और पकौड़े तैयार हैं, पूरा सेट उत्साह से भर उठता है।
उनका कहना है कि सभी कलाकार कुछ देर के लिए काम भूलकर एक साथ बैठते हैं, बातें करते हैं और खूब आनंद लेते हैं। उनके मुताबिक, यही छोटे-छोटे पल सेट को परिवार जैसा माहौल देते हैं और यही यादें लंबे समय तक उनके साथ रहेंगी।
पर्दे के पीछे की दोस्ती ही बनती है पर्दे पर केमिस्ट्री
किसी भी सफल शो की असली ताकत सिर्फ उसकी कहानी या अभिनय नहीं होती, बल्कि कलाकारों के बीच की सहजता और आपसी तालमेल भी होती है। ‘हस्तिनापुर के वीर’ के कलाकारों के बीच दिखने वाली यह दोस्ती और अपनापन उनके अभिनय में भी साफ नजर आता है।
शायद यही वजह है कि दर्शकों को शो के किरदार इतने जीवंत और स्वाभाविक लगते हैं। एक्शन और भावनात्मक दृश्यों के बीच चाय-पकौड़ों के साथ बिताए गए ये हल्के-फुल्के पल कलाकारों को नई ऊर्जा देने के साथ-साथ उनकी टीम भावना को भी मजबूत करते हैं। ‘हस्तिनापुर के वीर’ का प्रसारण सोनी सब पर सोमवार से शनिवार रात 9:00 बजे किया जाता है।

