नई दिल्ली | दिल्ली विश्वविद्यालय के शिवाजी कॉलेज छात्र संघ के पूर्व अध्यक्ष एवं राजनीति की पाठशाला के संस्थापक डॉ. अजय पांडेय को कांग्रेस संगठन में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी मिल सकती है। पार्टी सूत्रों के अनुसार, युवा नेतृत्व को आगे बढ़ाने और छात्र-युवा वर्ग के बीच संगठन की पकड़ मजबूत करने की रणनीति के तहत डॉ. पांडेय के नाम पर गंभीरता से विचार किया जा रहा है।
सूत्रों का दावा है कि बीते कुछ वर्षों में डॉ. अजय पांडेय ने शिक्षा, युवाओं के राजनीतिक प्रशिक्षण तथा सामाजिक सरोकारों से जुड़े मुद्दों पर सक्रिय भूमिका निभाई है। यही कारण है कि पार्टी के कुछ वरिष्ठ नेता उन्हें संगठनात्मक भूमिका देने के पक्ष में बताए जा रहे हैं।
कांग्रेस से जुड़े सूत्रों का कहना है कि आगामी संगठनात्मक फेरबदल में कई नए चेहरों को अवसर दिया जा सकता है और इसी क्रम में डॉ. पांडेय का नाम भी चर्चा में है। हालांकि, अभी तक कांग्रेस की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है।
राजनीतिक गलियारों में चल रही चर्चाओं के बीच यह देखना दिलचस्प होगा कि पार्टी नेतृत्व संगठन में होने वाले संभावित बदलावों को लेकर क्या निर्णय लेता है। फिलहाल डॉ. अजय पांडेय को जिम्मेदारी मिलने की अटकलों पर कांग्रेस की आधिकारिक मुहर लगना बाकी है।

